नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। संसद की एक स्थाई समिति ने आवंटित धनराशि का सदुपयोग नहीं करने और लंबित योजनाओं को पूरा नहीं कर पाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की शोध शाखा को फटकार लगाई है।
राज्यसभा की स्थाई समिति ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य शोध विभाग अपनी जरूरतों को बढ़चढ़ कर बताता रहा है और आवंटित वित्तीय संधाधनों का सदुपयोग करने में असफल रहा है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राज्यसभा सदस्य सतीश मिश्रा की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा है कि साफ तौर पर यह विभाग की अदूरदर्शिता और दोषपूर्ण योजनाओं का मामला है।
समिति द्वारा सौंपी गई रपट में कहा गया है, “एक तरफ विभाग दावा करता है कि योजनाओं में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जबकि दूसरी तरफ समिति ने देखा कि 5,213 करोड़ रुपये के कुल बजट में से मात्र 179.36 करोड़ रुपये 12वीं योजना अवधि में योजनाओं पर खर्च किए गए हैं।”
समिति ने काफी समय पहले योजना आयोग द्वारा मंजूरी दी जा चुकी योजनाओं को अबतक पूरा नहीं करने के लिए भी विभाग को फटकार लगाई।
समिति ने कहा, “समिति यह जानना चाहती है कि आवंटित धनराशि का सदुपयोग नहीं करने के इस चलन के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं या क्या कार्रवाई प्रस्तावित है।”
स्थाई समिति ने हालांकि स्वास्थ्य विभाग की दूसरी शाखा, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की आवंटित धनराशि के सदुपयोग के लिए प्रशंसा की।
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