युवा भारतीय खिलाड़ियों ने आईपीएल-8 में छोड़ी छाप

कोलकाता, 23 मई (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आठवें संस्करण में भले ही ज्यादातर मौकों पर विदेशी खिलाड़ी छाए रहे लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि कई युवा भारतीय खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का भरपूर प्रदर्शन किया और छाप छोड़ने में कामयाब रहे।

कोलकाता, 23 मई (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आठवें संस्करण में भले ही ज्यादातर मौकों पर विदेशी खिलाड़ी छाए रहे लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि कई युवा भारतीय खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का भरपूर प्रदर्शन किया और छाप छोड़ने में कामयाब रहे।

दिल्ली डेयरडेविल्स के बल्लेबाज श्रेयष अय्यर और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लेग स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों में शामिल हैं।

डेयरडेविल्स टीम आईपीएल-8 में ज्यादा प्रभावी प्रदर्शन किए बिना टूर्नामेंट से बाहर हो गई लेकिन इस टीम ने दो युवा बल्लेबाज अय्यर और मयंक अग्रवाल को सलामी जोड़ी के रूप में प्रस्तुत किया।

अय्यर ने अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया लेकिन अग्रवाल भी आकर्षण का केंद्र रहे।

अय्यर ने 14 मैचों में 33.76 की औसत से 439 रन बनाए और उनका उच्चतम स्कोर 83 रन रहा। डेयरडेविल्स ने उन्हें 2.6 करोड़ में खरीदा था और निश्चित रूप से 20 वर्षीय श्रेयष ने टीम को निराश नहीं किया।

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के 17 वर्षीय सरफराज खान भी इस पंक्ति में हैं। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ एक मैच में 21 गेंदों में 45 रनों की उनकी पारी ने बड़े-बड़े क्रिकेट पंडितों को भी हैरान कर दिया।

सरफराज के 13 मैचों की आठ पारियों में कुल 111 रन भले ही देखने में साधारण प्रदर्शन लग रहा हो लेकिन यह भी गौर करने वाली बात है कि वह चार मौकों पर नाबाद लौटे।

रॉयल चैलेंजर्स के मंदीप सिंह ने भी कोलकाता नाइट राइडर्स और फिर इलिमिनेटर में रॉयल्स के खिलाफ अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। मंदीप के नाम 14 मैचों में 157 रन हैं।

मुंबई इंडियंस के 21 वर्षीय हार्दिक पांड्या और राजस्थान रॉयल्स के दीपक हुड्डा भी अपनी बल्लेबाजी से प्रशंसकों का दिल जीतने में कामयाब रहे।

रॉयल्स के संजू सैमसन के लिए यह टूर्नामेंट बहुत अच्छा नहीं गुजरा लेकिन कुछ पारियों में उन्होंने भी प्रभावशाली पारियां खेली।

चेन्नई सुपर किंग्स के पवन नेगी भी उभरते हुए खिलाड़ियों में से एक हैं। कई बार महेंद्र सिंह धौनी ने उन्हें रविचंद्रन अश्विन से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा। आठ पारियों में 113 रन बनाने वाले नेगी ने भी निराश नहीं किया। नेगी इस टूर्नामेंट में छह विकेट भी हासिल करने में कामयाब रहे।

गेंदबाजी में चहल ने बेहद प्रभावित किया। दाएं हाथ के लेग स्पिन गेंदबाज चहल 15 मैचों में 23 विकेट हासिल कर चुके हैं और सबसे अधिक विकेट लेने के मामले में दूसरे पायदान पर हैं।

रॉयल चैलेंजर्स के हर्षल पटेल भी सुर्खियां बटोरने में कामयाब रहे। वह 15 मैचों में 17 विकेट अपने नाम करने में कामयाब रहे।

पिछले बार के उपविजेता किंग्स इलेवन पंजाब के लिए यह टूर्नामेंट निराशाजनक रहा लेकिन संदीप शर्मा और अनुरीत सिंह के प्रदर्शन ने जरूर टीम को कुछ मौकों पर खुशी मनाने का मौका दिया।

दोनों 14 मैचों में संयुक्त रूप से 28 विकेट हासिल करने में कामयाब रहे।

यहां मुंबई इंडियंस के 21 वर्षीय जगदीश सुचित को भी नहीं भूला जा सकता। सुचित ने कभी प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं खेला, इसके बावजूद वह मुंबई इंडियंस टीम के नियमित खिलाड़ियों में शामिल होने में कामयाब रहे। वह इस टूर्नामेंट में खेले 12 मैचों 10 विकेट हासिल कर चुके हैं।

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