शिलांग, 28 मई (आईएएनएस)। मेघालय उच्च न्यायालय ने मीडिया को विभिन्न संगठनों द्वारा राज्य में बंद और रैलियों का आह्वान करने संबंधी बयान प्रकाशित करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। न्यायालय का तर्क है कि इससे सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
राज्य पुलिस महानिदेशक राजीव मेहता के उस अनुरोध के बाद आया है, जिसमें उन्होंने अदालत से बंद या विरोध प्रदर्शन के अन्य प्रारूपों के लिए एचएनएलसी और अन्य संगठनों के बयानों को मीडिया द्वारा प्रकाशित करने पर रोक लगाने को कहा था।
मुख्य न्यायाधीश उमानाथ सिंह, न्यायाधीश टी.एन.के सिंह और न्यायाधीश एस.आर सेन की खंडपीठ ने बुधवार रात को यह आदेश जारी किया।
अदालत के निर्देश के मुताबिक, “हम निर्देश देते हैं कि एचएनएलसी या अन्य संगठनों के बयानों को किसी भी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संगठनों द्वारा जारी नहीं किया जाएगा, जिनसे दैनिक सार्वजनिक जीवन को बाधा पहुंचे या नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो।”
खंडपीठ ने कहा कि अदालत के आदेश का उल्लंघन करने पर अदालत की अवमानना के तहत आरोप दर्ज किए जाएंगे। अदालत ने राज्य सरकार को आदेशों का उल्लंघन करने पर आपराधिक मामले दर्ज करने का भी निर्देश दिया।
गौरतलब है कि एचएनएलसी समूह ने राज्य सरकार द्वारा गांव प्रशासन विधेयर को पारित करने में हो रही देरी के लिए विरोध स्परूप 26 मई को पूर्वाह्न 6 बजे से 27 मई को पूर्वाह्न 6 बजे तक बंद का आह्वान किया था।
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