मुंबई, 19 जून (आईएएनएस)। मुंबई और आसपास के इलाकों की रफ्तार गुरुवार शाम से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह शुक्रवार को थम गई। यहां मानसून के आए अभी मुश्किल से एक सप्ताह हुआ है। अधिकारियों ने कहा कि तेज बारिश से महाराष्ट्र के अन्य हिस्से भी प्रभावित हुए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले दो-तीन दिनों के दौरान मुंबई, तटीय कोंकण और अन्य हिस्सों में 60 समुद्री मील प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने के साथ भारी बारिश की आशंका जताई है।
आईएमडी (मुंबई) के निदेशक वी.के. राजीव ने कहा, “आज करीब 4.5 मीटर ऊंची लहरें उठने की संभावना है। अगर भारी बारिश होती है, तो समस्या और बढ़ सकती है।”
राष्ट्रीय आपदा राहत प्रबंधन, भारतीय नौसेना, मुंबई पुलिस, अग्निशमन विभाग, होम गार्ड और अन्य एजेंसियां राज्य में लगातार बारिश से उत्पन्न होने वाली किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
रेलवे लाइनों पर भारी जलभराव के कारण मुंबई शहर की जीवनरेखा कहलाने वाली उपनगरीय रेल सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस वजह से नौकरीपेशा लोगों को समय से दफ्तर पहुंचने में खासा परेशानी हो रही है।
रेलवे के अधिकारियों और बृहन्नमुंबई नगर निगम (बीएमसी) के आपदा प्रकोष्ठ ने कहा है कि मध्य रेलवे (सीआर), हार्बर लाइन और पश्चिम रेलवे (वीआर) ने शहर में सुबह तड़के कुछ रेलगाड़ियां शुरू कीं। लेकिन वे अपने निर्धारित समय से देरी से चलीं और बाद में उन्हें रद्द कर दिया गया।
सभी खंडों पर लंबी दूरी की रेलगाड़ियों का परिचालन प्रभावित हुआ। इन्हें मुंबई से गुजरात, नई दिल्ली, नागपुर, पुणे और गोवा मार्गो पर विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर रोकना पड़ा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को राज्य और बृहन्नमुंबई नगर निगम (बीएमसी) आपदा प्रकोष्ठ का दौरा किया और स्थिति का जायजा लेने और एहतियाती तथा राहत कदमों के बारे में विचार-विमर्श करने के लिए शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की।
फडणवीस ने इस मुलाकात के तुरंत बाद ट्विटर पर मौजूदा हालात को अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने लिखा, “आज अपराह्न् करीब दो बजे चार मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका है। सभी से समुद्र के करीब न जाने की अपील करता हूं। कृपया घरों से निकलने से बचें। महफूज रहें।”
मूसलाधार बारिश की वजह से शहर के आसपास स्थित दादर, परेल, भायखला, मझगांव, माहिम, सांताक्रूज, जुहू, विले पर्ले, वर्ली, सायन, चूनाभट्टी, अंधेरी, कुर्ला, बोरीवली, दहिसर, जोगेश्वरी और अन्य इलाकों में जलभराव देखा गया, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ।
मुंबई शहर में गुरुवार से अबतक करीब 283 मिलीमीटर और इसके उपनगरों में करीब 209 मिलीमीटर की औसत बारिश दर्ज की गई है।
पुणे, सतारा, कोल्हापुर, औरंगाबाद, नासिक और अन्य शहरों में भारी बारिश दर्ज की गई और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
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