मुंबई, 20 जुलाई (आईएएनएस)। बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई स्थगित करने के लिए एक हत्या के दोषी की याचिका खारिज कर दी, जिसमें सलमान ने 2002 में घटी सड़क दुर्घटना के एक मामले में मिली पांच साल कारावास की सजा को चुनौती दी है।
हत्या के दोषी द्वारा दायर हस्तक्षेप याचिका में कहा गया है कि सेलेब्रिटीज से संबंधित मामलों की तेजी से सुनवाई हो रही है, लेकिन उस जैसे दोषियों के मामले सालों साल लंबित रहते हैं और उन्हें जेलों में कैद रहना पड़ता है।
इस दोषी ने बंबई उच्च न्यायालय में इसी तरह के आरोपों के साथ एक अलग याचिका भी दायर की है और प्रार्थना की है कि उसकी खुद की अपील पर तेजी से सुनवाई हो।
न्यायमूर्ति ए.आर.जोशी ने हालांकि इस याचिका को स्वीकार करने से इंकार कर दिया, क्योंकि सलमान के मामले में दोनों पक्ष शीघ्र सुनवाई के लिए सहमत हुए हैं।
सलमान की याचिका स्थगित करने की मांग करते हुए हस्तक्षेपकर्ता की वकील अपर्णा वाटकर ने कहा कि इस याचिका को तब तक सुनवाई नहीं की जानी चाहिए, जबतक कि उसके मुवक्किल द्वारा उच्च न्यायालय की अन्य पीठ में दायर अलग याचिका पर निर्णय नहीं हो जाता है।
इस बीच सलमान के वकील अमित देसाई ने निचली अदालत की सुनवाई की एक सीडी मांगी ताकि वह उच्च न्यायालय में अधिक प्रभावी तरीके से अपील पर बहस कर सकें।
लोक अभियोजक संदीप शिंदे और प्रदीप घरात ने कहा कि ऐसा संभव नहीं है, क्योंकि निचली अदालत की सुनवाई की ऐसी कोई सीडी उपलब्ध नहीं है।
मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।
उल्लेखनीय है कि सत्र न्यायालय ने सलमान को गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न मामलों में छह मई को दोषी ठहराया था और पांच साल कारावास की सजा सुनाई थी।
सलमान ने निचली अदालत के फैसले को बंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी है और फिलहाल वह जमानत पर हैं।
मुंबई के उपनगर बांद्रा में 28 सितंबर, 2002 को तड़के सलमान का टोयोटा लैंड क्रूजर एक बेकरी के बाहर सो रहे मजदूरों पर चढ़ गया था, जिसके परिणामस्वरूप एक मजदूर की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे।
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