नक्सलियों के दक्षिण रीजनल कमेटी के सचिव गणेश उइके ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि केंद्र सरकार नए भूमि अधिग्रहण विधेयक लाकर किसानों एवं आदिवासियों की भूमि पर कब्जा कर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की योजना बनाई है। इसका विरोध किया जा रहा है। इसी तारतम्य में मंगलवार को एक दिवसीय दक्षिण बस्तर बंद का आह्वान किया गया है।
बंद के एक दिन पहले ही नक्सलियों ने दक्षिण बस्तर में भारी मात्रा में बैनर-पोस्टरए व पर्चे फेंके थे। इसके अलावा जगह-जगह सड़क खोदकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया है।
सोमवार रात किरंदुल-कोत्तावालसा मार्ग पर नक्सलियों ने रेलवे के पोल नंबर 358 के पास फिश प्लेट खोलकर लगभग 13 मीटर पटरी को उखाड़ दिया। इसके साथ ही दंतेवाड़ा से कुपेर रेलवे स्टेशन के बीच पटरी पर चार से पांच पेड़ गिरा कर मार्ग बाधित कर दिया है। घटना की पुष्टि कोड़ेनार थाना प्रभारी रामचंद्र लहरी ने की है।
उधर, दंतेवाड़ा जिले के गीदम में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद गुप्ता के घर मंगलवार सुबह किसी अज्ञात व्यक्ति ने पर्चा फेंका है। पर्चे में नीले स्याही और स्कूली कॉपी के पन्नों का उपयोग किया गया। चार पचरें में अरविंद गुप्ता और सोनी सोरी को नक्सली बताते हुए नारों का उल्लेख किया गया है। पर्चे देखने के बाद आप नेता अरविंद की बहू बेहोश हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
नक्सलियों के शहीदी सप्ताह के अंतिम दिन सुकमा जिले के जगरगुंडा-दोरनापाल मार्ग पर भी जमकर उत्पात मचाया गया। बुरकापाल और चिंतलनार के बीच दर्जन भर गड्ढे कर दिए गए। वहीं मुकरम के पास पुल तोड़े जाने की खबर मिली है। चिंतलनार के पुराने बाजार के पास बड़ी संख्या मे बैनर पोस्टर लगाए गए हैं।
नक्सलियों के एक दिवसीय बंद के चलते दोरनापाल-पोलमपल्ली के बीच सड़क काटकर मौके पर बड़ी संख्या में बैनर-पोस्टर लगाया। पोस्टर में सहायक आरक्षकों को डीआरएफ में शामिल किए जाने का विरोध किया है। वहीं नान घोटाले में लिप्त मंत्री के इस्तीफे की मांग बैनर-पोस्टर व पर्चे में की गई है।
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