हैदराबाद, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश विधानसभा एक प्रस्ताव पारित करेगी, जिसमें आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में निहित सभी प्रावधानों को लागू करने का केंद्र सरकार से आग्रह किया जाएगा।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को यह प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया और केंद्र सरकार से अपील भी की कि प्रधानमंत्री की ओर से संसद में दिए गए आश्वासनों को पूरा करने के लिए कदम उठाए जाएं।
नायडू ने साफ किया कि वह आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने, विशेष पैकेज, उद्योग जगत में कर प्रोत्साहन और पुनर्गठन अधिनियम के सभी प्रावधानों के क्रियान्वयन के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य को केंद्र के सहारे की जरूरत होगी, जब तक कि यह पड़ोसी राज्यों के बराबर खड़ा नहीं हो जाता।
नायडू ने हालांकि यह भी कहा कि बीते कुछ सालों के दौरान विशेष दर्जे के महत्व को हल्का किया गया है और यह सभी समस्याओं का समाधान नहीं है।
नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राजस्व घाटे की स्थिति से गुजर रहे आंध्र प्रदेश के लिए केंद्र सरकार की मदद पाने के प्रयास में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि वह आगे भी इस संबंध में केंद्र से लगातार संपर्क करते रहेंगे।
नायडू ने कहा कि वह 15 महीनों में 17 बार नई दिल्ली का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व घाटे की भरपाई के लिए राज्य को केंद्र से 2,300 करोड़ रुपये मिल चुके हैं, जबकि राज्य को अब भी 12,000 करोड़ मिलने बाकी हैं।
नायडू ने 14वें वित्त आयोग की रपट का हवाला देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश राजस्व घाटे वाला राज्य है, इसलिए इसे केंद्र सरकार से हर प्रकार की सहायता मिलनी चाहिए।
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