नई दिल्ली, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि संसद के सत्रावसान का फैसला किया गया है।
उन्होंने कहा कि संसदीय समिति ने राष्ट्रपति को मानसून सत्र के सत्रावसान की सिफारिश करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की वजह से मानसून सत्र हंगामेदार बना रहा, क्योंकि वे कार्यवाही बाधित करते रहे। उन्होंने कहा कि इसी कारण से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पारित नहीं हो पाया।
जेटली ने कहा, “हमने कांग्रेस पार्टी से बातचीत की और उन्होंने अपना रवैया जारी रखने का संकेत दिया।”
जेटली विशेष सत्र बुलाकार जीएसटी विधेयक पारित करने की कोशिशों की ओर इशारा कर रहे थे। अब इस विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में राज्यसभा में पेश किए जाने की उम्मीद है।
लोकसभा में हालांकि विधेयक पहले पारित हो चुका है, लेकिन संसदीय समिति द्वारा कुछ संशोधन सुझाने के कारण इसे फिर से लोकसभा में पेश किया जाएगा।
जेटली ने कहा, “ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी सरकार और देश के लोगों दोनों पर गुस्सा निकाल रही है, जिन्होंने उसे सिर्फ 44 सीटें दी। विकास हमारी प्राथमिकता है और हम इसके लिए कोशिश करते रहेंगे।”
मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त हुआ था।
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