भुवनेश्वर, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार की नीतियों को ‘किसान विरोधी’ करार देते हुए कहा कि उनके अच्छे दिन कहां हैं?
राहुल ने गुरुवार को ओडिशा के बारगढ़ जिले में किसान रैली को संबोधित करते हुए कहा, “किसानों और मजदूरों ने मोदी जी पर भरोसा जताया, क्योंकि उन्होंने उनके लिए अच्छे दिनों का वादा किया। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद वे दो दिनों में ही उन्हें भूल गए। किसानों के अच्छे दिन कहां हैं?”
किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “यह देश मुट्ठी भर लोगों और उद्योगपतियों का नहीं है। यह देश आपका है। मैं वादा करता हूं कि मेरी पार्टी और मैं किसानों व पीड़ितों के लिए लड़ेंगे।”
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब किसानों की जमीन छीनने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, “किसानों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी जमीन है। इसलिए हम भूमि अधिग्रहण विधेयक लेकर आए, जिसके तहत किसानों की पूर्ण सहमति के बाद ही जमीन ली जाएगी। लेकिन मोदी सरकार किसानों की जानकारी और सहमति के बिना उनकी जमीन छीननकर उद्योगपतियों को देने की कोशिश में जुटी है।”
राहुल ने कहा कि जनता ने भले ही 2014 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के 44 सांसदों को चुना, लेकिन पार्टी को किसानों के साथ सहानुभूति है और उनके हितों की रक्षा के लिए सभी लड़ेंगे।
उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार पर भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 में घालमेल करने के लिए निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए लगाता कानूनों में बदलाव के प्रयास कर रही है, लेकिन जनता के दबाव के कारण नाकाम रही है।
राहुल ने जनसभा से पूछा कि चुनाव प्रचार के दौरान विदेशों से काला धन वापस लाकर हर किसी के बैंक खाते में 15-15 लाख रुपये जमा कराने का जो वादा किया गया था, क्या वे रुपये उन्हें मिले? लोगों ने इस सावाल का जवाब नहीं में दिया।
राहुल ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ कई मुद्दों पर समझौता कर लेने के लिए आड़े हाथों लिया।
उन्होंने कहा, “मोदी जी और नवीन जी दोस्त बन गए और आपस में समझौते कर लिए। यहां चिट-फंड, सिंचाई, बोनस, धान की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसे कई मुद्दे हैं, लेकिन न मुख्यमंत्री न प्रधानमंत्री इनमें से किसी भी मुद्दे पर बोलने के लिए तैयार है। उन्होंने चुप्पी साधी हुई है।”
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