राज्यपाल ने समारोह में कहा कि पं. पंत का जीवन सबके लिए अनुकरणीय है। जब देश आजाद नहीं था तो उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में कई समय पर संघर्ष किया। काकोरी घटना में उन्होंने वकील की हैसियत से काम किया। वे 14 वर्ष तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे तथा देश के गृहमंत्री के रूप में भी उन्हांेने प्रमाणिकता एवं पारदर्शिता के साथ देश की सेवा की।
नाईक ने कहा कि भारतरत्न से सम्मानित पंत उत्तर प्रदेश के ही नहीं, बल्कि पूरे देश के नेता थे।
उनहोंने कहा कि पंत में लोकमान्य तिलक जैसी देशभक्ति थी, महात्मा गांधी जैसी शांति प्रियता थी तथा सरदार पटेल जैसी ²ढ़ इच्छाशक्ति थी। उनमें तीनों का मिश्रण दिखाई पड़ता है। सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि पंत जी ने अपने जीवन से सुशासन का जो संदेश लोगों को दिया था, उस पर चलने का संकल्प लें।
इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन, राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी, विधान परिषद के सदस्य नसीब पठान, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यदेव त्रिपाठी सहित अन्य राजनैतिक दलों के लोग तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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