चंडीगढ़, 11 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां एक जनसभा में कहा कि वह संसद में विपक्ष की ओर लगाए गए अड़ंगों को लोगों के सामने इसलिए ला रहे हैं, ताकि वे तय कर सकें कि देश के विकास में कौन बाधा डाल रहा है।
प्रधानमंत्री ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि संसद की कार्यवाही कुछ लोगों के अहंकार के चलते बाधित हुई।
मोदी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “आपने पिछले कुछ दिनों में लोकसभा में जो कुछ भी हुआ, उसे देखा। इस देश के लोग संसद में किए गए बर्ताव के लिए राजनीतिक दलों को कभी माफ नहीं करेंगे। कुछ लोगों ने अपने अहंकार की वजह से संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी। यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उल्लेखनीय है कि पिछले माह लोक सभा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सांसदों द्वारा नारेबाजी करने की वजह से मोदी सरकार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सहित कई प्रमुख विधेयकों को मजबूरन ठंडे बस्ते में डालना पड़ा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम देश को आगे ले जाने और विकास करने के लिए सरकार चला रहे हैं। आपने हमें सरकार चलाने के लिए स्पष्ट बहुमत दिया। लोकसभा में 400 सांसदों की परवाह किए बिना 40 लोगों (सांसदों) ने इस देश के विकास में रोड़े अटकाए। यह इस देश में लोकतंत्र का अपमान है।”
उन्होंने कहा, “मैं यहां यह कहने आया हूं कि जनसभा लोकसभा से बड़ी है। मैं लोकसभा के मामले को जनसभा में लेकर आया हूं।”
प्रधानमंत्री ने लोगों से अपने सांसदों से सवाल करने को कहा, जिन्हें उन्होंने निर्वाचित किया है।
मोदी ने कहा कि पूर्व सैन्यकर्मियों के लिए हालिया ‘वन रैंक वन पेंशन’ (ओआरओपी) योजना का फैसला लेने का श्रेय उनकी सरकार को देने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, “ओआरओपी का श्रेय इस सरकार को न दें। इसका श्रेय इस देश के गरीबों और आम लोगों को दें। इससे ज्यादा गर्व की बात कुछ और नहीं हो सकती।”
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