बेंगलुरू, 12 सितम्बर (आईएएनएस)। सिकंदराबाद-बांद्रा (मुंबई) दुरांतो एक्सप्रेस की नौ बोगियां शुक्रवार देर रात उत्तरी कर्नाटक के पास पटरी से उतर गईं। इस हादसे में दो महिला यात्रियों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए।
मध्य रेलवे के सोलापुर प्रखंड के अतिरिक्त प्रबंधक के. मधुसूदन ने आईएएनएस को बेंगलुरू से 630 किलोमीटर दूर दुर्घटनास्थल से बताया कि यह घटना तब हुई, जब रेलगाड़ी सुबह लगभग 2.42 बजे वाडी और कलबुर्गी के बीच मारतुर स्टेशन से गुजर रही थी।
जिस समय घटना हुई, उस वक्त दुरांतो एक्सप्रेस की रफ्तार 110 किलोमीटर थी।
मधुसूदन ने कहा, “रेलगाड़ी की पहली सात बोगियां को सुरक्षित गुजर गईं, लेकिन एक पैंट्री कार सहित नौ बोगियां (एचए1, ए1, ए2, ए3, बी6, बी7, बी8, बी9) पटरी से उतर गईं। बाद की चार बोगियां रेल पटरी पर फंस गईं।”
इस हादसे से पहले हैदराबाद-मुंबई एक्सप्रेस इसी रास्ते से सुरक्षित रूप से गुजरी। वैसे इस इलाके में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है।
मधुसूदन ने कहा, “हादसे के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। रेल आयुक्त द्वारा जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हादसे के कारण क्षतिग्रस्त रेल पटरी की मरम्मत कर दी गई है, ताकि यातायात सुचारु हो सके।”
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट किया, “दुरांतो हादसे से दुखी हूं। जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तत्काल चिकित्सा राहत और अन्य सहायता पहुंचा दी गई है। रेलवे बोर्ड के प्रमुख को घटनास्थल पर जाने के लिए कहा गया है।”
हादसे में घायल लोगों में भारतीय नौसेना कैडेट (अब्दुल अशरफ गफ्फार, 21), मानिक रेड्डी (62), यादम्मा रेड्डी (55), श्रीकांत काशीनाथ (24), रामाकृष्णन सुब्बा रेड्डी (40), राजीव रामचंद्रन (30), लक्ष्मी (50) और भास्कर बी. नरसिंग (45) शामिल हैं। नौसेना कैडेट ने इस हादसे में अपना एक पैर भी गंवा दिया है।
कर्नाटक रेल हादसे में सबसे अधिक नुकसान बी8 बोगी को हुआ है। इसी बोगी में दो महिलाओं की मौत हुई और यात्री घायल हुए हैं।
कई यात्री इस हादसे से सदमे में हैं और इस हादसे के बारे में बता पाने में असमर्थ हैं।
प्रबंधक ने कहा, “फंसे हुए यात्रियों को निकाल लिया गया है और उन्हें मुंबई के लिए एक विशेष रेलगाड़ी में भेज दिया गया, जबकि घायलों को कलबुर्गी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”
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