नई दिल्ली, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में निगोशिएबल इंस्ट्रमेंट्स (संशोधन) अध्यादेश-2015 को अधिसूचित करने का फैसला किया गया। इस अध्यादेश का मकसद चेक बाउंस मामला दाखिल करने के लिए न्यायिक क्षेत्राधिकार में स्पष्टता लाना है।
निगोशिएबल इंस्ट्रमेंट्स एक्ट-1881 में प्रस्तावित संशोधन का मकसद अधिनियम की धारा 138 के तहत किए गए अपराधों के लिए मामला दाखिल करने में न्यायिक क्षेत्राधिकार में स्पष्टता लाना है।
अध्यादेश के मुताबिक, चेक बाउंस का मामला उसी अदालत में दाखिल हो सकता है, जिसके क्षेत्राधिकार में वह बैंक स्थित हो, जहां पावती चेक जमा करता है।
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