भोपाल, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग में संविलियन और समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर शुक्रवार को राजधानी भोपाल में प्रस्तावित अध्यापकों की रैली को रोकने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है। यहां पहुंचे आंदोलनकारी अध्यापकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। राज्य में अन्य स्थानों पर भी गिरफ्तारी की जा रही है।
राज्य के अध्यापक अपनी मांगों को लेकर 13 सितम्बर से आंदोलनरत हैं। उच्च न्यायालय द्वारा आंदोलन को असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद सरकार के तेवर और कड़क हो गए हैं। गुरुवार को अध्यापक संयुक्त मोर्चा और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई, लेकिन वह बेनतीजा रही। बैठक से बाहर निकलते ही आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
वहीं, शुक्रवार को भोपाल में प्रस्तावित तिरंगा रैली को सरकार किसी कीमत पर नहीं होने देना चाहती है। यही वजह है कि राज्य के विभिन्न इलाकों से राजधानी पहुंचे आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया गया है।
लोक शिक्षण के आयुक्त डी.डी. अग्रवाल ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि बैठक का कोई नतीजा नहीं निकल पाया था। कानून व्यवस्था को देखते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर 25 सितम्बर को राजधानी में लालघाटी से मुख्यमंत्री निवास तक तिरंगा रैली निकालने का ऐलान किया था, लेकिन सरकार ने इसे रोकने के इंतजाम पहले से कर रखे थे। शुक्रवार सुबह राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों की तलाशी ली गई और शिक्षकों को राजधानी में प्रवेश करने से रोका गया। कर्मचारी नेता रत्नेश मिश्रा ने सरकार की इस कार्रवाई की निंदा की है।
गौरतलब है कि वर्तमान में अध्यापक नगरीय निकाय और पंचायतों में भी कार्यरत हैं। शिक्षक उन्हें शिक्षा विभाग में शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
dharmpath.com dharmpath