नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। नागरिक अधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला के खिलाफ आत्महत्या के मामले में दलीलों की अंतिम सुनवाई 15 दिसंबर को होगी। एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को दलीलों की सुनवाई के लिए यह तिथि निर्धारित की।
शर्मिला के खिलाफ वर्ष 2006 में नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर आमरण अनशन प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है।
वह पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर से सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (अफ्सपा) को हटाने की मांग को लेकर पिछले करीब 15 साल से अनशन पर हैं।
महानगर दंडाधिकारी आकाश जैन ने इस मामले में बचाव पक्ष के गवाह का बयान दर्ज किए जाने के बाद दलीलों की अंतिम सुनवाई के लिए 15 दिसंबर की तारीख तय की।
इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से मणिपुर के मानव अधिकार कार्यकर्ता बबलू लोटंगबम की गवाही हुई है, जिनका कहना है कि शर्मिला का आमरण अनशन आत्महत्या की कोशिश नहीं थी, बल्कि वह मणिपुर से अफ्सपा हटाने की मांग को लेकर अनशन पर थीं।
अदालत ने शार्मिला के खिलाफ चार मार्च, 2013 को दिल्ली में आत्महत्या के प्रयास का आरोप तय किया था। शर्मिला ने इस आरोप से इंकार किया है।
अदालत ने इस मामले में छह जून को अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए थे।
इस मामले में बतौर आरोपी शर्मिला ने मंगलवार को अपना बयान दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्हें गलत मामले में फंसाया जा रहा है।
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