पटना/मुंगेर, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बिहार में चार अलग-अलग चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए जहां महागठबंधन को ‘महास्वार्थ बंधन’ बताया, वहीं लोगों से नेताओं के ऊटपटांग बयनाबाजी न सुनने की अपील की। इधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने भी मोदी पर शब्दबाण छोड़े।
बिहार के नवादा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “मैं देशवासियों से कहना चाहता हूं, राजनीति के कारण छोटे-मोटे नेता अपना राजनीतिक स्वार्थ पूरा करने के लिए ऊटपटांग बयान देने पर तुले हैं। इन नेताओं की बयानबाजी पर ध्यान मत दीजिए। खुद अगर मोदी भी ऊटपटांग बात कहता है तो उसकी बात भी मत सुनिए।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर सुनना है तो कल (बुधवार) हमारे देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी दादा ने जो भाषण किया है और देश को जो संदेश दिया है उससे बड़ा कोई और संदेश व मार्गदर्शन नहीं हो सकता। हमारे देश के मुखिया राष्ट्रपति ने जो कहा है, उससे बड़ा कोई विचार नहीं हो सकता।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति के बताए रास्ते पर चलने से ही देश अपने मुकाम पर पहुंच सकता है। उन्होंने कहा, “देशवासियों से यही कहूंगा कि राजनीति का स्वार्थ सिद्ध करने का मार्ग ठीक करना होगा। जातिवाद, जहर घोलने की बात हो, गुमराह करने के तरीके हों, इन चीजों ने बिहार का भला नहीं किया है। राज्य का भला सिर्फ विकासराज से होने वाला है।”
मोदी ने मुंगेर, बेगूसराय और समस्तीपुर में अलग-अलग चुनावी सभाओं में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सत्तारूढ़ महागठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि छोटे भाई और बड़े भाई ने बिहार को 25 वर्षो तक लूटा और अब फिर ‘महास्वार्थ बंधन’ कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में ‘जंगलराज’ और ‘विकासराज’ की लड़ाई है।
उन्होंने कहा, “मेरी इच्छा है कि वर्ष 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होने तक हर भारतीय के पास अपना खुद का घर हो।”
मोदी ने कहा कि कांग्रेस, राजद और जद (यू) कभी एक-दूसरे को गाली देते थे, लेकिन आज सत्ता के लिए एक हो गए हैं। बिहार को फिर से जंगलराज बनाने का खेल खेला जा रहा है। लोग फिर से अपहरण उद्योग स्थापित करना चाहते हैं। उनको यह जान लेना चाहिए, जनता गलती माफ कर देती है, लेकिन धोखा देने वालों को कभी माफ नहीं करती।
बिहार की अपार जल संपदा और युवाशक्ति की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के कुछ इलाकों में खूब पानी है, जिसके लिए हिंदुस्तान के कई इलाके तरसते हैं। यहां लबालब जवानी (युवा) भी भरी पड़ी है।
उन्होंने कहा, “बिहार में अगर सिर्फ पानी और जवानी पर ध्यान दे दिया जाए तो राज्य की तस्वीर बदल जाए। बिहार के पानी और जवानी पर भरोसा है, ये केवल बिहार को नहीं, पूरे देश को बदल देंगे, इसका भरोसा है। मगर जरूरी है कि यहां पानी का सही प्रबंधन हो और जवानी को सही अवसर मिले।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि अमीरों को सरकार की जरूरत नहीं पड़ती, मगर गरीबों के कल्याण के लिए सरकार ही होती है।
मोदी ने कहा, “चुनाव तो गरीबों के नाम पर लड़े गए, लेकिन सरकार गरीबों के लिए नहीं चलाई गई। आज तक जितनी भी सरकारें आईं, वे अगर गरीबों के कल्याण को ध्यान में रखकर सरकार चलाई होती तो देश में न गरीबी बढ़ती न अशिक्षा।”
जयप्रकाश नारायण को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद वह सुशासन के लिए लड़ते रहे। ‘संपूर्ण क्रांति’ का नारा देकर देश के नौजवानों में नया जोश भर दिया। आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने जयप्रकाश नारायण को जेल में डाल दिया था। आज उसी कांग्रेस के साथ स्वार्थ की राजनीति करने वाले दल गठबंधन कर बिहार की सत्ता पर काबिज होना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, “हमें बिहार के भाग्य को बदलना है और राज्य के नौजवान इस काम को करेंगे।”
गोमांस संबंधी लालू के विवादित बयान पर मोदी ने उन पर जमकर शब्दवाण चलाए। मोदी को लालू पर यदुवंशियों को अपमान का आरोप लगाते हुए कहा, “यदुवंशी क्या खाते हैं, यह सवाल कर बिहार का अपमान किया गया है। जब बात आगे बढ़ी तो कहा गया कि उनके भीतर शैतान प्रवेश कर गया। सवाल यह है कि शैतान को उन्हीं का पता कैसे मिला, किसी और का ठिकाना शैतान को क्यों नहीं मिला।”
प्रधानमंत्री ने सवालिया लहजे में कहा कि जिसका पता शैतान ने ढूंढ़ लिया है, उसको क्या हम कभी देखेंगे? पहली बार पता चला है कि इंसानों के पीछे शैतान पड़ा है।
कांग्रेस पार्टी पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पीछे के दरवाजे से आने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस में अब ऐसा नेता भी नहीं बचा है, जिसका गुणगान किया जा सके।
मोदी पर पलटवार करते हुए लालू ने कहा कि मोदी ने उनके बहाने तमाम दलितों और पिछड़ों को शैतान कहा। लालू ने ट्विटर पर लिखा, “मोदी अपने मनगढ़ंत शैतान से बिहार को और अपमानित न करें। मैं मोदी व मीडिया के उनके कुछ चाटुकारों को चुनौती देता हूं कि मेरा वो बयान दिखाए।”
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “बिहार का वंचित समाज देख रहा है कि बड़बोले प्रधानमंत्री महंगाई, रोजगार और कालेधन पर चुप क्यों हैं? वह आरक्षण पर भागवत के बयान की भर्त्सना करने की हिम्मत दिखाएं।”
लालू ने मोदी पर दलितों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए एक अन्य ट्वीट में लिखा, “मोदी ने मेरे बहाने तमाम दलितों व पिछड़ों को शैतान कहा है। दलितों व पिछड़ों की गोलबंदी से हताश आप शैतान के पीछे छुपने की कोशिश कर रहे हैं।”
मोदी को चुनौती देते हुए लालू ने लिखा, “मोदी को चैलेंज करता हूं कि वो मेरा शैतान वाला बयान दिखाएं, वरना सार्वजनिक रूप से सभी बिहारियों को शैतान कहने के लिए तुरंत माफी मांगें।”
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद, जद (यू) और कांग्रेस महागठबंधन के तहत चुनाव मैदान में है। इसका मुकाबला भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से है। राज्य में चुनाव 12 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच पांच चरणों में होना है। परिणामों की घोषणा 8 नवंबर को होगी।
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