मुंबई, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई में जन्मे ब्रिटिश व्यवसायी लॉर्ड गुलाम कदरभोए नून का लंदन में निधन हो गया। उन्हें ब्रिटेन में चिकन टिक्का और करी को मशहूर बनाने के लिए ‘करी किंग’ का उपनाम दिया गया था।
मुंबई, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई में जन्मे ब्रिटिश व्यवसायी लॉर्ड गुलाम कदरभोए नून का लंदन में निधन हो गया। उन्हें ब्रिटेन में चिकन टिक्का और करी को मशहूर बनाने के लिए ‘करी किंग’ का उपनाम दिया गया था।
नून मुंबई में होटल ताजमहल और पैलेस होटल में 26/11 को हुए आतंकी हमले में सुरक्षित बच गए थे।
कैंसर से लंबी लड़ाई लड़ने के बाद 79 वर्षीय नून ने लंदन में अंतिम सांस ली।
दावूडी बोहरा समुदाय के एक मुख्य सदस्य लॉर्ड नून के निधन पर शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे ने शोक जताया है।
आदित्य ने कहा, “ब्रिटेन के प्रभावशाली भारतीयों में से एक और हमारे परिवार के एक बेहद नजदीकी मित्र नून अंकल उद्यमशीलता और मानवता के ‘कभी न हारने वाले’ जज्बे की मूरत थे। “
अपनी किशोरावस्था में 1964 में नून ब्रिटेन में बस गए और भारतीय व्यंजनों में विशिष्टता बनाते हुए उन्होंने साउथहॉल में कई खाद्य कंपनियां चलाईं।
नून ने ज्यादातर ब्रिटिश सुपरमार्केट्स के लिए तैयार फ्रोजन भारतीय और थाई भोजन बनाने वाले अपने मुख्य व्यवसाय ‘नून प्रोडक्ट्स’ की शुरुआत 1987 में की।
वर्ष 1994 में उनकी फैक्टरी आग में जलकर खाक हो गई थी, लेकिन मात्र दस हफ्तों में उन्होंने उसे फिर से शुरू कर लिया।
वर्ष 2005 में आयरिश खाद्य कंपनी केरी ग्रुप ने उसका अधिग्रहण कर लिया।
वर्ष 1996 में नून को ‘मेम्बर ऑफ ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एंपायर’ (एमबीई), 2002 में ‘नाइट बैचलर’ , 2011 में ‘बरोन नून’ बनाया गया।
जनवरी 2011 में एक कर्मचारी दल के नेता के तौर पर उन्होंने ‘ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉडर्स’ में प्रवेश किया।
बाद में नून यूनिवर्सिटी ऑफ इस्ट लंदन के कुलपति और यहूदियों और मुसलमानों के मध्य बातचीत को बढ़ावा देने वाली ‘मेमोनिडेस फाउंडेशन’ के एक ट्रस्टी बने।
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