पुणे, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के हड़ताली छात्रों ने बुधवार को अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। संस्थान के विद्यार्थी अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य गजेंद्र चौहान को इसका अध्यक्ष बनाए जाने के विरोध में 12 जून से हड़ताल पर थे।
पुणे, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के हड़ताली छात्रों ने बुधवार को अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। संस्थान के विद्यार्थी अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य गजेंद्र चौहान को इसका अध्यक्ष बनाए जाने के विरोध में 12 जून से हड़ताल पर थे।
एफटीआईआई के विद्यार्थियों ने भले हड़ताल खत्म कर दिया हो, लेकिन उनका कहना है कि गजेंद्र की नियुक्ति का विरोध जारी रहेगा।
संस्थान के विद्यार्थियों ने यहां कहा कि वे अपनी कक्षाओं में लौटेंगे, लेकिन गजेंद्र की नियुक्ति के खिलाफ एक ‘शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके’ से विरोध जारी रखेंगे।
छात्र संघ प्रवक्ता रंजीत नायर ने हड़ताल को लेकर आईएएनएस से बातचीत की।
नायर ने कहा, “हड़ताल अब और तीव्र होगी। हमारे विरोध को दर्ज करने का समय आ गया है और यह अलग ऊंचाइयों पर जाएगा।”
हड़ताल खत्म करने के लिए तीन प्रमुख एफटीआईआई के पूर्व छात्र- महाराष्ट्र के विक्रांत पवार, उत्तर प्रदेश के राकेश शुक्ला और गोवा के प्रतीक वत्स ने अपने राष्ट्रीय पुरस्कार लौटने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि फिल्म निमार्ताओं और शिक्षाविदों को आगे आकर मुंबई तक विरोध प्रदर्शन ले जाना चाहिए।
छात्रों ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों के साथ कई बैठकें की, लेकिन गतिरोध का अंत नहीं हुआ।
छात्रों को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का समर्थन मिला, उनकी एफटीआईआई परिसर की यात्रा ने इस हड़ताल को एक राजनीतिक मोड़ दिया। यहां तक की श्याम बेनेगल, जाह्नु बरुआ, अनुपम खेर और रणबीर कपूर जैसे फिल्म निमार्ताओं और अभिनेताओं ने भी छात्रों के लिए अपनी चिंता जताई।
गजेंद्र चौहान को टेलीविजन धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर के रूप में जाना जाता है। उन्होंने बताया कि वह निश्चित रूप से छात्रों से बातचीत करेंगे।
एफटीआईआई में अध्यक्ष के रूप में शामिल होने पर चौहान ने कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
चौहान ने हड़ताल खत्म करने के लिए छात्रों को बधाई दी और टेलीफोन पर आईएएनएस को बताया कि यह समय कक्षाओं में वापस जाने का है।”
संपादन के अंतिम वर्ष के छात्र और छात्र संघ की कोर कमेटी की सदस्य रीमा कौर ने कहा कि हड़ताल समाप्त करने का निर्णय सरकार के ‘असंगत ²ष्टिकोण’ की वजह से लिया गया है।
रीमा ने कहा, “139 दिनों की हड़ताल ने न केवल हमें मजबूत किया है, बल्कि उस राज्य की सच्चाई से अवगत कराया है जहां हम रह रहे हैं।”
कौर ने आईएएनएस को बताया, “हमने अपनी आवाज जोरदार तरीके और स्पष्ट रूप से उठाई, लेकिन सरकार अड़ी है और हमारी वैध मांगों के प्रति असंगत दृष्टिकोण रखती है। सरकार पर से हमारा विश्वास पूरी तरह उठ चुका है। मंत्रालय का बेदर्द ²ष्टिकोण और हमारे मूल्यवान समय बर्बाद होता हुआ देख हमने हड़ताल समाप्त करने और कक्षाओं में फिर से जाने का फैसला लिया है।”
कौर ने कहा, “हालांकि हमारी आवाज बंद नहीं होगी, बल्कि तेज होगी। विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।”
इससे पहले केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने समाधान की कमी के लिए छात्रों को जिम्मेदार ठहराया था।
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