राजेंद्र तिवारी ने बिल्हा के तत्कालीन एसडीएम अर्जुन सिंह सिसोदिया पर प्रतिबंधात्मक धारा में जमानत देने के एवज में रिश्वत मांगने और नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया था। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच युकां नेता का शव बिलासपुर भेजा गया। अंबेडकर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। कांग्रेसियों की मांग पर पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी की गई।
इस दौरान अस्पताल में बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता मौजूद थे। वहीं बिल्हा एसडीएम को हटाने के बाद उनकी गिरफ्तारी होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की बात भी मरवाही के विधायक अमित जोगी ने की थी। वहीं दिनभर के कांग्रेस के आंदोलन के बाद शाम को एसडीएम अर्जुन सिंह सिसोदिया को निलंबित कर दिया गया।
गौरतलब है कि सोमवार को युवक कांग्रेस के नेता राजेंद्र तिवारी ने बिल्हा एसडीएम कार्यालय के बाहर आत्मदाह कर लिया था। उन्होंने बिल्हा के तत्कालीन एसडीएम अर्जुन सिंह सिसोदिया पर जमानत देने के एवज में 40 हजार रुपये मांगने व नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
गंभीर अवस्था में राजेंद्र तिवारी को राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां कल शाम उनकी मौत हो गई। इसे लेकर मंगलवार को कांग्रेसियों ने बिल्हा बंद कर एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग को कल पांच घंटे तक चक्काजाम कर दिया था। वहीं आज हर्िी में शव रखकर चक्काजाम किया जा रहा है।
मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। वहीं बिलासपुर चकरभाठा में भी घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। कांग्रेसी एसडीएम के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग पर अड़ गए थे। अंत में आंदोलन सफल रहा और एसडीएम को निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
dharmpath.com dharmpath