नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)। मैगी नूडल्स के दीवानों के लिए अच्छी खबर है। इसकी निर्माता कंपनी नेस्ले इंडिया ने सोमवार को कहा कि उसने ‘पांच माह चली विकट समस्या’ (बिक्री पर प्रतिबंध) के बाद अपने इस चर्चित उत्पाद को बिक्री के लिए 100 शहरों में दोबारा उतार दिया है। इसकी ऑनलाइन बिक्री के लिए ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील के साथ करार भी किया है।
नेस्ले इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुरेश नारायण ने एक बयान में कहा, “दिवाली की पूर्व संध्या और धनतेरस के पावन दिन पर मैगी की बाजार में वापसी हम सभी के लिए एक जश्न का मौका है।”
नारायण ने यहां एक गोलमेज सभा में मैगी की दोबारा वापसी की घोषणा करते हुए संवाददाताओं से कहा, “हमने जिस समस्या का सामना किया, वह नेस्ले इंडिया के लिए एक बड़ी समस्या है। लेकिन हम हमेशा से मैगी नूडल्स की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर आश्वस्त थे। कंपनी के लिए यह एक महत्वपूर्ण ब्रांड है।”
उन्होंने कहा कि बाजार में सबसे पहले मैगी ‘मसाला’ की विभिन्न वेराइटी उतारी जाएंगी और उसके बाद अन्य वेराइटी लाई जाएंगी।
नारायण ने कहा, “मैगी का देशभर में मौजूद इसके उपभोक्ताओं के साथ एक बहुत ही खास और सु²ढ़ भावनात्मक रिश्ता है। मुझे पूरा यकीन है कि हमारा रिश्ता और मजबूत होगा।”
वहीं, स्नैपडील से नई-नई साझेदारी पर उन्होंने कहा, “नेस्ले इंडिया इस विशेष मौके पर स्पैनडील के साथ मिलकर ऑनलाइन बिक्री करने से बहुत खुश है।”
उल्लेखनीय है कि पांच जून को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं नियामक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने नेस्ले के नूडल्स की पूरे देश में बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया था। प्राधिकरण ने यह कदम नूडल्स में हानिकारक लेड (सीसा) की तय मात्रा से अधिक मौजूदगी पाने जाने के बाद उठाया था। प्राधिकरण ने मैगी नूडल्स को मनुष्यों के लिए ‘असुरक्षित व हानिकारक’ बताया था।
नारायण ने कहा कि बाजार में उतारी गई मैगी पहले जैसी ही होगी। उन्होंने कहा कि हालांकि पैकेजिंग पर नो-एडेड एमएसजी (मोनोसोडियम ग्लूटामेट) लाइन नहीं लिखी होगी, जोकि विवाद का मुद्दा बन गई थी।
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मैगी नूडल्स अकेले ही 25-30 प्रतिशत का योगदान देती है। कंपनी अपने इस उत्पाद के लिए व्यापक प्रचार अभियान अपनाएगी।
नेस्ले इंडिया पांच माह की कानूनी लड़ाई के बाद मैगी को बाजार में लाने में सफल हुई है। सरकार ने जनता को गुमराह करने और अनुचित व्यापार गतिविधियों में संलिप्त रहने को लेकर नेस्ले इंडिया के खिलाफ 640 करोड़ रुपये का मुकदमा दर्ज कराया था। सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होनी है।
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