पणजी, 28 नवंबर (आईएएनएस)। भारत में बाल मजदूरी की समस्या के प्रति गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ‘ओट्टाल’ फिल्म के निर्देशक जयराज ने कहा कि इस विषय को फिल्मों में खासतौर से उठाया जाना चाहिए, वह भी भारतीय परिदृश्य में।
गोवा में 46वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) से इतर ‘निर्देशक से मिलिए’ कार्यक्रम में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए जयराज ने कहा, “वर्तमान में लाखों बच्चे बाल मजदूरी के कुचक्र में फंसे हुए हैं और उनकी यह फिल्म उन्हीं बच्चों को समर्पित है।”
‘ओट्टाल’ (एक जाल) एन्टन चेखोव के वांका से ली गई है। ‘ओट्टाल’ में 18वीं शताब्दी की कहानी को मौजूदा समय और परिदृश्य के मुताबिक दक्षिण भारत के एक छोटे से गांव में फिर से फिल्माया गया है। इसे बेस्ट स्क्रीनप्ले अडॉप्टेशन, 62वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में पर्यावरण संरक्षण पर सर्वेश्रेष्ठ फिल्म और केरल फिल्म क्रिटिक्स अवॉर्ड सहित कई अवॉर्ड मिल चुके हैं।
भारतीय फिल्म निर्माता जयराम राजशेखरण नायर चार भाषाओं में 35 फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। उनके कार्य को हमेशा सराहना और पुरस्कार मिलते रहे हैं। 1997 में शेक्सपीयर के ऑथेलो से ली गई उनकी कृति ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार दिलवाया।
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