नई दिल्ली, 30 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बारे में एक पत्रिका में छपी खबर के आधार पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद मोहम्मद सलीम की टिप्पणी से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़े विवाद के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित हुई।
लोकसभा में असहिष्णुता के मुद्दे पर चर्चा शुरू करते हुए सलीम ने पत्रिका में राजनाथ के हवाले से कथित तौर पर ‘हिन्दू शासक’ की बात का जिक्र किया, जिसने सत्तापक्ष को नाराज कर दिया। स्वयं राजनाथ ने अपनी ओर से ऐसी कोई भी बात कहे जाने से इंकार करते हुए कहा कि इस तरह के आरोप से उन्हें ठेस पहुंची है।
राजनाथ ने कहा, “अपने संसदीय जीवन में मैं इतना व्यथित कभी नहीं हुआ। यदि एक गृह मंत्री इस तरह का बयान देता है, तो उसे अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।”
उन्होंने कहा कि संसद के सदस्य और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग जानते हैं कि वह कभी इस तरह की टिप्पणी नहीं कर सकते।
वहीं, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि मंत्री के बारे में सलीम की टिप्पणी पत्रिका की रिपोर्ट पर आधारित है, जो सदन की कार्यवाही के अभिलेख में दर्ज नहीं होगी। वह मामले की जांच करेंगी।
संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि रिपोर्ट की जांच होने तक सांसद को अपनी टिप्पणी वापस ले लेनी चाहिए।
रूडी ने कहा कि इस तरह के आरोप के बाद सत्ता पक्ष के लोगों का सदन में बैठना मुश्किल है, यह देश के लिए खतरनाक है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने हालांकि कहा कि पत्रिका में खबर छपने के बाद मंत्री ने उसका खंडन नहीं किया था।
सलीम ने कहा कि उनका इरादा मंत्री को आहत करना नहीं था और पत्रिका में प्रकाशित इस टिप्पणी के बारे में मंत्री को इत्तला कर उन्होंने खुफिया एजेंसी का काम किया है।
रूडी ने हालांकि जोर दिया को सलीम को अपना आरोप वापस ले लेना चाहिए।
सदन में जारी गतिरोध को लेकर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी।
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