चेन्नई, 3 दिसम्बर (आईएएनएस)। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ की वजह से गुरुवार को लाखों लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। राज्य में यह पिछले लगभग 100 साल की सबसे भीषण बारिश है, जिसमें 269 लोगों की मौत हो गई।
चेन्नई, 3 दिसम्बर (आईएएनएस)। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ की वजह से गुरुवार को लाखों लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। राज्य में यह पिछले लगभग 100 साल की सबसे भीषण बारिश है, जिसमें 269 लोगों की मौत हो गई।
सेना, वायुसेना और नौसेना चेन्नई में फंसे लोगों को सकुशल बाहर निकालने के काम में लगी है और बाढ़ प्रभावितों तक खाद्य पदार्थो की आपूर्ति की जा रही है। हालांकि गुरुवार सुबह बारिश थम गई, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
सैन्यकर्मी और नौसेना के जवान चेन्नई की सड़कों पर नाव चलाकर बचाव कार्यो में लगे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई पहुंचकर वहां स्थिति का जायजा लिया।
उधर, नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा को बताया कि चेन्नई और अन्य बारिश प्रभावित जिलों में स्थिति गंभीर है और इस आपदा से 269 लोगों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में भी बारिश के कारण हुई विभिन्न घटनाओं में 54 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो की मौत पुदुच्चेरी में हुई है।
राजनाथ ने लोकसभा में कहा, “इसमें कोई दो राय नहीं है कि तमिलनाडु में स्थिति खतरनाक हो गई है। यह कहना अतिश्योक्तिपूर्ण नहीं होगा कि चेन्नई एक द्वीप में तब्दील हो गया है।”
राजनाथ ने बताया कि चेन्नई जाने वाले सभी रास्ते बंद हैं।
चेन्नई में फंसे दिल्ली के एक चिकित्सक सुरेंद्र सिंह ने आईएएनएस को बताया, “ऐसा लग रहा है कि पूरा शहर ही जलमग्न हो गया है। कुछ स्थानों पर जलस्तर अधिक है।”
उन्होंने बताया, “चेन्नई में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियां और अन्य जल स्रोत उफान पर हैं और उनका पानी लगभग सभी जगह पहुंच गया है।”
लोग बाढ़ से बचने के लिए अपने घरों की छतों पर बैठ गए हैं और मदद का इंतजार कर रहे हैं।
कई स्थानों पर संचार लाइनें बाधित हो गई हैं और बिजली आपूर्ति बंद हो गई है।
वकील एलनगोवन ने अड्यार में अपने घर से आईएएनएस को बताया, “मेरे पास कल (बुधवार) से पीने के लिए पानी और दूध नहीं है।”
सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में जलस्तर घटा है। चेंबारामबक्कम झील से अतिरिक्त पानी शहर से गुजरने वाली अड्यार नदी में आ गई है, जिससे नदी उफान पर है।
इस बाढ़ से निचले क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
मुख्य चेन्नई सेंट्रल रेलवे लाइन सहित कई हजार लोग रेलवे स्टेशनों पर फंसे हुए हैं। चेन्नई हवाईअड्डा छह दिसंबर तक बंद कर दिया गया है। यहां फंसे लोग बेंगलुरू और मदुरै जाने की कोशिश में हैं।
बैंकों ने अपने ग्राहकों से एटीएम से नकदी निकालने की सलाह दी है क्योंकि बैंकों की कुछ शाखाएं आगामी कुछ दिनों में बंद रहेगी।
बाढ़ का पानी अपार्टमेंट, शॉपिंग मॉल, बाजारों, सरकारी कार्यालयों और निजी संस्थानों में घुस गया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की तीस और सेना की सात टुकडियों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। नौसेना ने भी नौकाओं व गोताखोरों को तैनात किया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु सरकार को हर आवश्यक सहायता मुहैया कराएगी।
तमिलनाडु सरकार ने बाढ़ के कारण हुई तबाही के लिए 8,480.93 करोड़ रुपये की मांग की है, जिसमें से 940 करोड़ रुपये राज्य के लिए जारी कर दिए गए हैं।
भारतीय वायुसेना ने यहां से 200 लोगों को सकुशल बाहर निकालकर हैदराबाद पहुंचा दिया है।
दक्षिण रेलवे ने गुरुवार को चेन्नई सेंट्रल स्टेशन और चेन्नई इगमोर स्टेशन से कुल 20 रेल सेवाएं रद्द की हैं, जबकि अन्य स्टेशनों से सात रेल सेवाएं रद्द की गई हैं।
कई क्षेत्रों में लोगों ने बाढ़ प्रभावित लोगों को अपने घरों में शरण दी है। कुछ लोग पीड़ितों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं।
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव की वजह से चेन्नई में नवंबर की शुरुआत से ही भारी बारिश हो रही है।
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