नई दिल्ली, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। ‘प्यारे मोहन’ और ‘कृष 3’ जैसी फिल्मों में अशक्त व्यक्ति का किरदार निभाने वाले अभिनेता विवेक ओबेराय का कहना है कि कैमरे के सामने असामान्य व्यक्ति का किरदार निभाना आसान नहीं है, इसके लिए बहुत अभ्यास की जरूरत है।
नई दिल्ली, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। ‘प्यारे मोहन’ और ‘कृष 3’ जैसी फिल्मों में अशक्त व्यक्ति का किरदार निभाने वाले अभिनेता विवेक ओबेराय का कहना है कि कैमरे के सामने असामान्य व्यक्ति का किरदार निभाना आसान नहीं है, इसके लिए बहुत अभ्यास की जरूरत है।
विवेक ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के पहले संस्करण के मौके पर आईएएनएस को बताया, “विकलांग व्यक्ति का किरदार निभाना मुश्किल है। मुझे याद है कि ‘प्यारे मोहन’ हास्य फिल्म थी। इसलिए यह ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं थी, लेकिन ‘कृष 3’ में मैंने काल का किरदार निभाया और इसमें व्हीलचेयर पर बैठना था। इसके लिए मुझे कड़ी मेहनत करनी पड़ा। इसे करना काफी मुश्किल था।”
विवेक ने बताया कि काल के किरदार के अभ्यास के लिए उनके घर में 24 दिन तक व्हीलचेयर रही।
विकलांग व्यक्ति के किरदार वाली फिल्मों का जिक्र करते हुए विवेक ने कहा कि ‘येलेलो’, ‘मार्गरिटा’, ‘विथ अ स्ट्रॉ’ और ‘बजरंगी भाई जान’ जैसी फिल्मों ने अच्छी कामयाबी हासिल की है।
उन्होंने कहा, “इस तरह की फिल्में लोगों को प्रेरित करती हैं। विकलांग लोग, विशेष रूप से जो जन्म से ऐसे नहीं होते, लेकिन बाद में किसी हादसे का शिकार होकर सामान्य जीवन नहीं जी पाते, उन्हें ऐसी फिल्मों से काफी प्रेरणा मिलती है।”
विवेक अब मीत मेहता की कॉमेडी फिल्म ‘ग्रेट ग्रैंड मस्ती’ में हंसी-ठिठोली करते नजर आएंगे।
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