बस्तर के एसपी राजेंद्र नारायण दास ने बताया कि नक्सली आयता डीकेएमएस का अध्यक्ष है और कांगेर वेली एरिया कमेटी का सदस्य है। इसके पास से एक भरमार व 8 किलो का टिफिन बम बरामद किया गया है।
उन्होंने बताया कि आयता पिछले सात साल से नक्सली संगठन में सक्रिय था और बड़े लीडरों के आगमन पर गांव वालों को डरा धमकाकर मीटिंग में बुलवाने व वसूली किया करता था। आयता का आसपास के 15 गांवों में काफी आतंक था।
दास ने बताया कि आयता 21 जून 09 को कोहकवाड़ा गांव के उस हमले में शामिल थाए जिसमें सीआरपीएफ के 11 जवान शहीद हुए थे। 25 मई, 2013 के जीरम घाट हत्याकांड में आयता ने प्रमुख भूमिका निभाई थी, जिसमें कांग्रेस के बड़े लीडरों समेत 32 लोग मारे गए थे।
एसपी ने बताया कि 11 मार्च, 2014 की मुठभेड़ में आयता का मुख्य किरदार था, जिसमें नेतानार गांव के निकट 5 जवान कर्तव्य की बलिवेदी पर न्योछावर हुए थे। टाहकवाड़ा मुठभेड़ में आयता ने साथी नक्सलियों के साथ 16 जवानों के प्राण लिए थे। इसके अलावा 12 फरवरी, 2013 में पत्रकार नेमिचंद जैन की हत्या में उसने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया था।
उन्होंने बताया कि बाड़पाल निवासी आयता जो कि क्षेत्र में लाल आतंक का पर्याय था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस क्षेत्र में लगातार यह दूसरी सफलता है। कुछ दिन पूर्व ही साउथनार के जनताना सरकार अध्यक्ष को गिरफ्तार किया गया था। अब हथियार और बारूद के साथ इस क्षेत्र के दूसरे हार्डकोर माओवादी आयता को भी पकड़ा गया है।
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