देहरादून, 11 दिसम्बर (आईएएनएस)। एक महीने बाद हरिद्वार में होने वाले अर्ध कुंभ में श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक बार फिर केंद्र से 500 करोड़ रुपये देने की मांग की है।
गंगा में डुबकी लगाने के लिए बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अर्ध कुंभ में पहुंचने वाले हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को भेजे पत्र में लिखा है कि केंद्र सरकार को 500 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने चाहिए। उन्होंने कहा कि 14 हफ्ते तक चलने वाले इस अर्ध कुंभ में आठ करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है और इन्हें सुविधाएं देने से जुड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्र 500 करोड़ जितना जल्दी हो सके, जारी कर दे।
रावत ने पत्र में लिखा है कि इन 500 करोड़ रुपये में से 400 करोड़ रुपये का इस्तेमाल स्थाई निर्माणों पर होगा, जबकि 100 करोड़ रुपये अस्थाई निर्माणों और सार्वजनिक सेवाओं पर खर्च होगा।
अर्ध कुंभ के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन यह साफ नहीं है कि जिन स्थाई निर्माणों की बात रावत कर रहे हैं, क्या वे श्रद्धालुओं के आने से पहले बनकर तैयार हो सकेंगे?
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है, “राज्य सरकार के सीमित संसाधनों को देखते हुए बजट में अर्धकुंभ के लिए केवल 350 करोड़ रुपये आवंटित किया जा सका। कई काम पूरा होने के कगार पर हैं।”
रावत ने लिखा है कि नीति आयोग ने भी अर्ध कुंभ के लिए 166.67 करोड़ रुपये की मदद पर मुहर लगाई थी, लेकिन यह पैसा भी अभी तक जारी नहीं किया गया है।
अर्ध कुंभ का पहला स्नान 14 जनवरी (मंकर संक्रांति) को है। आखिरी स्नान 22 अप्रैल, 2016 (चैत्र शुक्ल पूर्णिमा) को होगा।
dharmpath.com dharmpath