नई दिल्ली, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पर सोमवार को कांग्रेस और सरकार के बीच बातचीत हुई। यह तय किया गया कि विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में पारित कराने के लिए इससे जुड़े मुद्दों पर और बातचीत की जाएगी।
नई दिल्ली, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पर सोमवार को कांग्रेस और सरकार के बीच बातचीत हुई। यह तय किया गया कि विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में पारित कराने के लिए इससे जुड़े मुद्दों पर और बातचीत की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री एम.वेंकैया नायडू और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस नेताओं गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया से जीएसटी के मुद्दों पर बात की।
सूत्रों ने बताया कि बाद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी विचार-विमर्श में शामिल हुईं।
सूत्रों ने बताया कि एक घंटे तक चली बैठक के बाद तय किया गया कि बातचीत जारी रखी जाएगी। अगले दौर की बातचीत में लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रहेंगे।
कांग्रेस की मांग है कि कर की अधिकतम सीमा 18 फीसदी रखी जाए। एक फीसदी अतिरिक्त कर को रद्द किया जाए और विवादों के निपटारे के लिए स्वायत्त प्रणाली बनाई जाए।
प्रधानमंत्री मोदी ने बीते महीने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से जीएसटी पर बात की थी।
जीएसटी लागू होने के बाद देश में वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले तरह-तरह के कर खत्म हो जाएंगे और पूरे देश में समान अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू हो जाएगी।
राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं होने की वजह से यह विधेयक अटका हुआ है।
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