नई दिल्ली, 20 दिसम्बर (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने रविवार को कहा कि वह मौजूदा वित्तमंत्री अरुण जेटली के विचार का समर्थन करते हैं कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून लाने में विलंब भले हो जाए, लेकिन एक बेहतर कानून लाया जाए।
चिदंबरम ने ट्विटर पर कहा, “एफएम अरुण जेटली से सहमत हूं। देर से आने वाला जीएसटी गलत जीएसटी से बेहतर होगा। मौजूदा जीएसटी विधेयक गलत है।”
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, “कांग्रेस की तीन आपत्तियों को मान लिया जाए, और विधेयक पारित हो जाएगा। एक फीसदी अतिरिक्त कर का मुद्दा तो सुलझ गया है। इस प्रावधान को हटा लिया जाना चाहिए।”
कांग्रेस विधेयक में कर की ऊपरी सीमा शामिल करने और वस्तुओं के एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर एक फीसदी अतिरिक्त कर हटाने की मांग कर रही है।
उन्होंने कहा, “कोई भी राज्य स्वतंत्र विवाद निपटारा प्रणाली के विरोध में नहीं है। इसे स्थापित किया जाए।”
जेटली ने गत सप्ताह फेडरेशनल ऑफ चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की सालाना आम बैठक में कहा था कि कांग्रेस की 18 फीसदी की ऊपरी कर सीमा की मांग को स्वीकार करना कठिन है, क्योंकि इससे विशेष परिस्थितियों में कर बढ़ाना कठिन हो जाएगा।
उन्होंने कहा था, “क्या हम कर की दर को पत्थर पर खुदवा सकते हैं। यदि हमें भविष्य में कर बढ़ाना हो, तो हमें संविधान संशोधन करवाना होगा।”
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी द्वारा शुक्रवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में संसद के शीतकालीन सत्र की अवधि में राज्यसभा में पारित किए जाने वाले कई विधेयकों पर सहमति बन गई, लेकिन जीएसटी पर सहमति नहीं बन पाई।
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