बेंगलुरू, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कैंसर के तेजी से प्रसार पर चिंता जताते हुए बुधवार को कहा कि इसके खिलाफ उठाए गए कदम अपर्याप्त हैं।
कर्नाटक की राजधानी में किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की आधारशिला रखते हुए उन्होंने कहा, “कैंसर का तेजी से प्रसार गंभीर चिंता का विषय है।”
उन्होंने कहा, “कैंसर के मामले दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे हैं और बीते कुछ वर्षो के दौरान भारत में भी कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है।”
राष्ट्रपति ने कहा, “बीमारी की शुरुआत में पहचान और उसके सही इलाज के विकास की जरूरत है।”
उन्होंने कहा, “कैंसर की रोकथाम व इलाज दोनों में प्रौद्योगिकी किस प्रकार मददगार साबित हो सकती है, इसकी खोज की जरूरत है।”
राष्ट्रपति ने कहा कि कैंसर के निवारक, उपचारात्मक व उपशामक (लक्षण कम करने वाले) उपायों के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए राष्ट्रीय, प्रांतीय व क्षेत्रीय स्तर पर कई कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है।
उन्होंने कहा कि हालांकि ये उपाय महत्वपूर्ण हैं, लेकिन कैंसर की बढ़ती समस्या को रोकने के लिए अपर्याप्त हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि मरीजों व उनके परिजनों की समस्या को कम करने के लिए बहु-एजेंसी प्रयास की जरूरत है।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के मुताबिक, शहरी इलाकों में लगभग 15 पुरुषों में एक पुरुष व लगभग 12 महिलाओं में एक महिला को जीवन काल के दौरान कैंसर होने की संभावना है।
इससे पहले, राष्ट्रपति बिशप कॉटन बॉइज स्कूल की 150वीं जयंती में शरीक हुए। राष्ट्रपति दो दिनों के कर्नाटक प्रवास पर हैं।
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