नई दिल्ली, 26 दिसम्बर (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार ने तिपहिया वाहनों के लिए नए ‘लेटर्स ऑफ इंटरेस्ट’ (एलओआई) जारी करने में कथित भ्रष्टाचार को लेकर परिवहन विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद दिल्ली परिवहन विभाग के तीन अधिकारियों -उपायुक्त (ऑटो रिक्शा यूनिट) रॉय बिस्वास, इंस्पेक्टर मनीष पुरी और क्लर्क अनिल यादव- को निलंबित कर दिया गया।
उन्होंने ट्वीट किया, “परिवहन विभाग के तीन अधिकारियों को तिपहिया वाहनों के लिए नए ‘लेटर्स ऑफ इंटरेस्ट’ जारी करने में भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।”
दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि उन्हें बुधवार को परिवहन विभाग के बुराड़ी अथॉरिटी में ऑटो चालकों को लेटर्स ऑफ इंटरेस्ट क्रमवार न जारी कर मानमाने ढंग से जारी करने के संबंध में कुछ शिकायतें मिली थीं।
राय ने आगे कहा, “मैंने अगले दिन परिवहन विभाग के उपायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की और इस मामले में जांच के आदेश दिए।”
केजरीवाल को भी ऑटो रिक्शा चालकों से एसएमएस के जरिए शुक्रवार शाम लेटर्स ऑफ इंटरेस्ट के वितरण में कुछ अनियमितताओं के संबंध में शिकायतें मिलीं। जिसके बाद उन्होंने राय को बुलाया और इस बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ तीनों अधिकारियों को निलंबित करने को लेकर बैठक की।
परिवहन मंत्री द्वारा दिए गए जांच के आदेश में पता चला है कि दो तरह की अनियमितताएं की गई हैं। पहली यह कि लेटर्स ऑफ इंटरेस्ट को क्रमवार न जारी कर देखो और चुनो के आधार पर दिया जा रहा था और इन्हें लाभार्थियों व आवेदकों को देने के बजाए बिचौलियों व अनधिकृत व्यक्तियों को दिया जा रहा था।
परिवहन विभाग ने अभी तक जारी किए गए सभी लेटर्स ऑफ इंटरेस्ट रद्द कर दिए हैं और इन्हें जारी करने के कार्य को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।
राय ने कहा, “इस मामले को आगे की जांच के लिए एनसीटीडी (दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) सरकार के सतर्कता विभाग को सौंप दिया गया है। जरूरत पड़ने पर यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा जा सकता है।”
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