मुंबई, 26 दिसम्बर (आईएएनएस)। इंडियन सोसायटी फॉर क्लीनिकल रिसर्च (आीएससीआर) अपना नौवां सम्मेलन जनवरी में करेगा, जो भारत में चिकित्सा परीक्षण के लिए एक नियामक, नैतिक व परिचालन ढांचे पर केंद्रित होगा।
दो दिवसीय सम्मेलन आठ जनवरी से शुरू होगा।
आईएससीआर द्वारा यहां जारी एक बयान के मुताबिक, “बीमारियों में लगातार बढ़ोतरी तथा अनुपलब्ध चिकित्सा जरूरतों के साथ नैदानिक अनुसंधान एक महत्वपूर्ण प्रासंगिक पहलू है, जो दवाओं की विकास प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग है और इसीलिए सम्मेलन का थीम पेशेंट्स फर्स्ट एंड रिसर्च फॉर इंडिया है।”
सम्मेलन के दौरान, समूह चर्चा और कार्यशालाएं होंगी, जो शोधकर्ताओं द्वारा शुरू किए गए शोध, नैतिकता, प्रशिक्षण और नियामक फार्मेकोविजिलेंस सहित विषय से संबंधित कई मुद्दों पर केंद्रित होंगी।
चिकित्सा परीक्षण ऐसे प्रयोग हैं, जो चिकित्सा जांच के दौरान किए जाते हैं। मानव प्रतिभागियों पर इस तरह का संभावित जैव-चिकित्सा या व्यवहार अनुसंधान अध्ययन जैव चिकित्सा या दवा के प्रभाव के बारे में सवालों के जवाब देने के लिए किया जाता है।
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