इंदौर, 28 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की व्यावसायिक नगरी इंदौर में फर्जी रजिस्ट्रियों के जरिए 50 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी के मामले में मां-बेटे व एक अन्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की पुलिस को चार साल से तलाश थी।
संयोगितागंज थाने की पुलिस के अनुसार, वर्ष 2000 में सेवानिवृत्त प्राध्यापक चंद्रा पंडित और उनके बेटे कुणाल ने मिलकर एक मकान के प्रथम तल और भूतल की अलग-अलग दो फर्जी रजिस्ट्री बनाई। इसके बाद इन रजिस्ट्रियों के आधार पर दो बैंकों से पांच-पांच लाख रुपये का कर्ज भी ले लिया। इसमें कामयाब होने पर उन्होंने कई और फर्जी रजिस्ट्री बनाकर बैंक से कर्ज लिया।
पुलिस के मुताबिक, मां-बेटे ने राजीव शर्मा जो पेशे से प्रॉपर्टी कारोबारी हैं, उनके साथ मिलकर एक मकान की चार फर्जी रजिस्ट्री बनाकर रजिस्टार के फर्जी हस्ताक्षर कर गवाहों के सहारे अलग-अलग बैंकों से 50 लाख रुपये का कर्ज ले लिया। मगर बैंक को रकम नहीं चुकाई। इस पर बैंकों ने अदालत में शिकायत की, जिस पर इनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ।
संयोगितागंज थाने के प्रभारी ओमकार सिंह भदौरिया ने सोमवार को आईएएनएस को बताया कि मां-बेटे मुंबई में जाकर रहने लगे, पुलिस ने उन्हें रविवार को वहां जाकर गिरफ्तार किया, जबकि राजीव को इंदौर से गिरफ्तार किया गया है।
फर्जी रजिस्टी के मामले मे गिरफ्तार मां-बेटा और राजीव एक-दूसरे को आरोपी और खुद को निर्दोष बता रहे हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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