नई दिल्ली, 29 दिसम्बर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को ईरान को भारत का महत्वपूर्ण साझेदार बताया और ऊर्जा, अवसंरचना, व्यापार तथा वाणिज्य में द्विपक्षीय आर्थिक संबंध बढ़ाने की जरूरत बताई।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, यहां ईरान के आर्थिक और वित्त मंत्री अली तैयबनिया के साथ भारत-ईरान संयुक्त आयोग (जेसीएम) की 18वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करते हुए सुषमा ने ऊर्जा, अवंसरचना (जहाजरानी, बंदरगाह और रेलवे सहित) और व्यापार तथा वाणिज्य में द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए की जा रही कोशिशों का जिक्र किया।
बयान के मुताबिक, “उन्होंने कहा कि चाबाहार बंदरगाह के विकास में भारतीय योगदान से अफगानिस्तान और मध्य एशिया भारत से जुड़ जाएंगे।”
बयान में कहा गया है, “ईरानी पक्ष ने चाबाहार बंदरगाह और चाबाहार मुक्त व्यापार क्षेत्र (एफटीजेड) के विकास में तथा एफटीजेड में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में भारत के सार्वजनिक और निजी झेत्र की भागीदारी का सुझाव दिया।”
बयान के मुताबिक, “दोनों मंत्रियों ने व्यापार और आर्थिक सहयोग की प्रगति तथा अन्य संबंधित मामलों का जायजा लिया और रेलवे में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया।”
इस बैठक से पहले सोमवार को तैयबनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में मोदी ने ईरान के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने की भारत की इच्छा से उन्हें अवगत कराया।
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