नई दिल्ली, 30 दिसम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने ग्रिड से जुड़े हुए सौर छतों को बढ़ावा देने के लिए बजट को 600 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5,000 करोड़ रुपए कर दिया।
सीसीईए की बुधवार को हुई बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय सौर मिशन के तहत यह राशि 2019-20 तक की पांच साल की अवधि के लिए है। यह राशि अगले पांच साल में 4,200 मेगावाट की सौर छत प्रणालियों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए खर्च की जाएगी।
सीसीईए ने तय किया है कि सामान्य श्रेणी के राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को इसमें 30 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी और विशेष श्रेणी के राज्यों को 70 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी, जिसमें पूर्वोत्तर राज्यों, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
निजी क्षेत्र के वाणिज्यिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को इसमें कोई छूट हासिल नहीं होगी, क्योंकि वे पहले से ही कई छूटों के हकदार हैं, जैसे कि त्वरित मूल्यह्रास, कस्टम ड्यूटी रियायतें, उत्पाद शुल्क में छूट और कर छूट।
4200 मेगावाट क्षमता आवासीय, सरकारी, सामाजिक और संस्थागत क्षेत्र (अस्पतालों, शैक्षिक संस्थानों) के माध्यम से आएगी। औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को बिना सब्सिडी के सौर छतों को लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकार ने राष्ट्रीय सौर मिशन (एनएसएम) के 2022 तक के लक्ष्य को 20,000 मेगावाट से बढ़ाकर 1,00,000 मेगावाट कर दिया है। इसमें से 40,000 मेगावाट पॉवर ग्रिड से जुड़े सौर छत प्रणालियों के माध्यम से आना है। इस मंजूरी से सौर छतों को लगाने को बढ़ावा मिलेगा और 40,000 मेगावाट लक्ष्य हासिल करने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा।
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