हैदराबाद, 2 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षा के लिए गए छात्रों को स्वदेश वापस भेजने का सिलसिला जारी है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 18 और छात्र अमेरिकी प्रशासन द्वारा निर्वासित किए जाने के बाद शनिवार को हैदाराबाद लौट आए।
पासपोर्ट रद्द किए जाने के बाद ये छात्र न्यूयॉर्क हवाईअड्डे से तीन विभिन्न विमान सेवाओं के जरिए वापस लौट आए।
छात्रों ने शिकायत की कि उनके सभी दस्तावेज मान्य थे, फिर भी ‘जॉन एफ केनेडी इंटनरेशनल एयरपोर्ट’ पर ‘अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन’ के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की और दुर्व्यवहार किया। उन्हें कई घंटों तक भूखा-प्यासा भी रखा गया।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें धमकी दी कि अगर वे वापस नहीं लौटे तो उनके अमेरिका प्रवेश पर पांच वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
छात्रों ने बताया कि उन्हें निर्वासित किए जाने का कोई ठोस कारण भी नहीं दिया गया।
नाम न छापने की शर्त पर एक छात्र ने बताया, “एक अधिकारी ने कहा कि वह यह सब बॉस के आदेश पर कर रहा है।”
शिक्षा के लिए कैलिफोर्निया की ‘नॉर्थवेस्टर्न पॉलिटेकि्न क युनिवर्सिटी’ जा रहे एक अन्य छात्र ने कहा कि अधिकारियों ने कहा कि उसका वीजा सही नहीं है और उन्होंने सवाल किया कि क्या उसने वीजा खरीदा था।
उसे कहा गया कि यदि वह चाहे तो किसी अन्य विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए आवेदन कर सकता है और दोबारा आ सकता है।
अन्य विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने वाले छात्रों को भी वापस भेज दिया गया। छात्रों के यह बताने पर भी अधिकारी आश्वस्त नहीं हुए कि ये संस्थान अमेरिकी प्रशासन द्वारा काली सूची में नहीं डाले गए हैं।
उल्लेखनीय है कि दस्तावेजों और विश्वविद्यालयों से प्रवेश पत्र होने के वाबजूद पिछले तीन चार महीनों में लगभग 90 छात्रों को वापस भेज दिया गया।
छात्रों ने इस मामले में भारत सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
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