पठानकोट वायुसेना अड्डे में गोलीबारी, धमाके में एनएसजी अधिकारी शहीद (लीड-1)

पठानकोट, 3 जनवरी (आईएएनएस)। यहां स्थित वायुसेना के अड्डे में रविवार को भी विस्फोट हुआ, जिसमें एनएसजी के एक अधिकारी शहीद हो गए। परिसर के अंदर गोलियां चलने और विस्फोटों की आवाजें सुने जाने के बाद आशंका है कि शनिवार को यहां हुए आतंकवादी हमले में शामिल कुछ आतंकवादी अब भी यहां छिपे हैं। सुरक्षा बल इनकी तलाश कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन की शहादत के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पठानकोट में तलाशी अभियान के दौरान निरंजन की जान चली गई।

राजनाथ ने मौत की वजहों का विवरण नहीं दिया है। लेकिन, आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि हवाई अड्डे पर किसी चीज को उठाने के दौरान उसमें विस्फोट हो गया और निरंजन की मौत हो गई।

एनएसजी कमांडो और सेना के पारा-कमांडो (विशेष बल) की अब भी आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ जारी है। माना जा रहा है कि ये आतंकवादी अब भी वायुसेना अड्डे में छिपे हैं।

पठानकोट के वायुसेना अड्डे पर शनिवार को हुए आतंकी हमले में चार आतंकवादियों को मार गिराया गया था। तड़के हुए इस हमले में तीन वायुसैनिक शहीद हुए थे। डिफेंस सिक्योरिटी कार्प्स (डीएससी) से संबद्ध तीन अन्य घायल वायुसैनिकों की रविवार को मौत हो गई।

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि एक या दो आतंकवादी अब भी परिसर में हो सकते हैं। सुरक्षा कर्मी इन्हें जिंदा पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। आंतकी सुरक्षाबलों पर गोलियां बरसा रहे हैं।

पुलिस उप महानिरीक्षक (सीमा क्षेत्र) कुंवर विजय प्रताप सिंह ने संवाददाताओं को बताया, “अड्डे में गोलीबारी अभी भी जारी है। हमें पता था कि चार से अधिक आतंकवादी हो सकते हैं।”

आतंकवादियों से शनिवार को 15 घंटे तक मुठभेड़ चली थी।

सूत्रों ने बताया कि उस इलाके में कोई नुकसान नहीं हुआ है जहां मिग-21 लड़ाकू विमान, एमआई-35 लड़ाकू हेलीकाप्टर और अन्य महत्वपूर्ण साजो-सामान रखे हुए हैं।

वायुसेना अड्डे और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी है। सेना, एनसीजी, वायुसेना कमांडो, अर्धसैनिक बल और पंजाब पुलिस को अभियान में लगाया गया है।

वायुसेना के हेलीकाप्टरों ने जमीनी सुरक्षा बलों की मदद के लिए शनिवार रात और रविवार सुबह वायुसेना अड्डे के ऊपर और आसपास उड़ान भरी।

पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अफसर ने आईएएनएस से कहा, “तलाशी अभियान जारी है। सभी चीजों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। तलाशी खत्म होने के बाद ही अभियान को रोका जाएगा।”

आंतकवादी 30-31 दिसंबर की रात को पाकिस्तान से भारतीय क्षेत्र में घुसे थे। सीमा यहां से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों को स्थानीय स्तर पर मिलने वाली संभावित मदद की भी जांच कर रही हैं।

इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि वायुसेना अड्डे में कितने आतंकवादी मारे गए हैं। राजनाथ सिंह ने अपने पहले के एक ट्वीट में यह संख्या पांच बताई थी।

अधिकारियों ने अंत में इनकी संख्या चार बताई। माना जा रहा है कि ये सभी आंतकवादी हमले के दौरान पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे।

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