सांस्कृतिक मंत्रलाय के अधीन हो सिनेमा : ओनिर

नोएडा, 6 जनवरी (आईएएनएस)। समलैंगिक संबंधों और एड्स विषय पर बनी मुख्यधारा की पहली फिल्मों में से एक ‘माय ब्रदर निखिल’ के निर्देशक ओनिर का कहना है कि सिनेमा को निरंतर बाधाओं से गुजरना पड़ता है और उसे सूचना और प्रसारण मंत्रालय की जगह कला और संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत होना चाहिए।

ओनिर की फिल्म ‘चौरंगा’ शुक्रवार को रिलीज होगी।

‘चौरंगा’ की टीम के साथ आईएएनएस के कार्यालय में आए ओनिर ने कहा, “मुझे लगता है कि समस्या यह है कि भारत में सिनेमा को कला और सांस्कृतिक मंत्रालय की अन्य कलाओं की तरह नहीं लिया जाता। हम पेंटरों या मूर्तिकारों की तरह नहीं हैं। हालांकि कुछ ताकतें उन पर हमला करती हैं, लेकिन उन्हें सेंसर को पास नहीं करना पड़ता। यह मुश्किल केवल फिल्मकारों को ही झेलनी पड़ती है।”

फिल्मकार ने कहा, “इंटरनेट, प्रिंट में भी सब कुछ उपलब्ध है, लेकिन केवल सिनेमा को ही प्रतिबंधों से गुजरना पड़ता है।”

उन्होंने मल्टीपलेक्सों में टिकट दरें तय करने की प्रणाली पर भी रोष जताया और कहा कि इससे फिल्म देखने वाले काफी लोग इन्हें नहीं देख पाते।

प्रख्यात फिल्मकार श्याम बेनेगल के केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का अध्यक्ष चुने जाने पर खुशी जताते हुए ओनिर ने कहा, “श्याम बेनेगल बेहद प्रगतिशील हैं और उन्होंने चेंज डॉट ऑर्ग पर भारतीय सिनेमा को बचाने के लिए एक अभियान भी शुरू किया है, उस पर हस्ताक्षर करने वाले वह पहले व्यक्ति थे।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493