भोपाल, 13 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत रोजगार पाने के पात्र परिवारों के लिए नई ‘हितैषी’ आवेदन पत्र योजना अमल में लाई गई है। इस योजना में पात्र परिवार अपनी कृषि भूमि या आवासीय भूमि पर मनरेगा से संबद्ध कार्यो की मांग कर सकेंगे।
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से बुधवार को दी गई जानकारी में बताया गया है कि मनरेगा के पात्र ग्रामीण परिवार ‘हितैषी’ आवेदन पत्र देकर हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। वे हितैषी आवेदन पत्र ग्राम पंचायतों में देकर अपनी कृषि भूमि या आवासीय परिसर में मनरेगा से कराए जाने वाले कामों की मांग कर सकते हैं।
इसके साथ ही इस कार्य में कौन-कौन से जाबकार्डधारी परिवार काम कर सकते हैं, उनके नामों का भी सुझाव दे सकते हैं। इस पहल से ग्रामीण परिवारों के यहां जरूरत के निर्माण तो होंगे ही, ग्रामीण श्रमिकों को काम के अवसर भी मुहैया हो सकेंगे।
विभाग की अपर मुख्य सचिव अरुणा शर्मा ने इस संबंध में जिलाधिकारी एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि प्रदेश के 42 जिलों की 268 सूखाग्रस्त तहसील में आने वाली 16 हजार 560 ग्राम पंचायत में मनरेगा से 150 दिन का रोजगार ग्रामीण जाबकार्डधारी परिवारों को मुहैया कराया जाए।
इसके साथ ही मनरेगा के पात्र जैसे अनुसूचित जाति, जनजाति, बीपीएल, इंदिरा आवास से लाभांवित परिवार, भूमि सुधार के हितग्राही, वनाधिकार पट्टाधारी, लघु-सीमांत कृषक आदि ग्रामीण परिवारों को मनरेगा की हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ दिया जाए।
पूर्व में संचालित हितैषी आवेदन पत्र योजना मे पात्र व्यक्ति को काम के लिए पंचायत में आवेदन देना होता था। इस पर उसे कहीं भी काम मुहैया कराया जाता था। लेकिन, अब योजना में किए गए बदलाव से पात्र परिवार हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत कार्य अपनी कृषि अथवा आवासीय भूमि में करा सकेगा।
अपर मुख्य सचिव की ओर से दिए गए निर्देशों में मनरेगा में कृषि आधारित तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के कार्यो को प्राथमिकता देने को भी कहा गया है। ‘हितैषी’ आवेदन पत्रों को भू-धारक ग्रामीण कृषक परिवारों को भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकें।
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