कोलकाता, 16 जनवरी (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने शनिवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार कश्मीरी पंडितों की पुनर्वास प्रक्रिया शुरू करने में आनाकानी कर रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर जम्मू एवं कश्मीर सरकार के साथ एक संवाद का आह्वान किया।
कोलकाता, 16 जनवरी (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने शनिवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार कश्मीरी पंडितों की पुनर्वास प्रक्रिया शुरू करने में आनाकानी कर रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर जम्मू एवं कश्मीर सरकार के साथ एक संवाद का आह्वान किया।
रॉय यहां ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) की ओर से यहां आयोजित एक चर्चा सत्र में बोल रहे थे। चर्चा सत्र कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आयोजित थी।
उन्होंने कहा, “हमारे ऊपर कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास, उन्हें कश्मीर में वापस भेजने की जिम्मेदारी है। उनके पुनर्वास के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित हुआ है, लेकिन मुझे लगता है कि सरकार उन्हें वापस कश्मीर भेजने में आनाकानी कर रही है।”
रॉय ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं के विपरीत, हाल ही में दिवंगत हुए मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद की अलगाववादियों के प्रति सहानुभूति थी, जिसके कारण इस मुद्दे पर केंद्र आनाकानी करने लगा है।
उन्होंने कहा, “यह उहापोह शायद इसलिए है कि केंद्र को मुफ्ती सरकार से कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला। मुफ्ती अब नहीं रहे, लेकिन भारत समर्थक अब्दुल्ला परिवार के विपरीत मुफ्ती आतंकवादियों और पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति रखने वालों का समर्थन करते रहे।”
चूंकि अब सईद की बेटी महबूबा मुफ्ती राज्य की नई मुख्यमंत्री बनने वाली हैं, लिहाजा रॉय ने पुनर्वास के मुद्दे पर एक संवाद शुरू करने का केंद्र से आग्रह किया।
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार के साथ किसी तरह का संवाद शुरू करने की जरूरत है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) हालांकि इस मुद्दे पर अपने पत्ते हमेशा छिपाए रखी है, लेकिन मैं महसूस करता हूं कि हमें इस मुद्दे पर महबूबा के साथ संवाद शुरू करना चाहिए।”
कश्मीर स्थित सेना की 15वीं टुकड़ी के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट जनरल जॉन रंजन मुखर्जी ने कहा, “भारत एक उदार देश है, आप कश्मीरी पंडितों को वापस भेजने का निर्णय इसलिए नहीं ले सकते, क्योंकि आपके पास ऐसा करने की चतुराई नहीं है। हमें उदार राष्ट्र की छवि से बाहर निकलने की जरूरत है।”
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