जर्मनी में महंगाई दर 2009 के बाद निचले स्तर पर

संघीय सांख्यिकी कार्यालय डेस्टैटिस के मुताबिक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार पर मापी जाने वाली महंगाई दर में 2011 से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। 2014 में यह दर 0.9 फीसदी थी।

डेस्टैटिस ने कहा, “2015 में महंगाई दर के घटने में प्रमुख योगदान ऊर्जा उत्पाद मूल्यों में गिरावट का रहा। इसका प्रमुख कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल मूल्य में भारी गिरावट है।” 2015 में ऊर्जा मूल्यों में सात फीसदी गिरावट दर्ज की गई।

दिसंबर 2015 में भी देश की महंगाई दर 0.3 फीसदी दर्ज की गई।

महंगाई दर कम रहना उपभोक्ताओं के लिए सुखद है, लेकिन यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो इससे अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। मूल्य घटने की संभावना में ग्राहक खरीदारी को आगे के लिए टाल सकते हैं।

यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) दो फीसदी के करीब महंगाई दर को अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद मानता है।

महंगाई दर 2015 के हर महीने में एक फीसदी से कम रही। यदि महंगाई दर का मूल्यांकन ईसीबी के हार्मोनाइज्ड इंडेक्स ऑफ कंज्यूमर प्राइसेज (एचआईसीपी) के आधार पर किया जाए, तो जर्मनी की महंगाई दर 2015 में सिर्फ 0.1 फीसदी है, जबकि दिसंबर 2015 के लिए यह 0.2 फीसदी है।

समस्त यूरो जोन के लिए भी एचआईसीपी महंगाई दर 0.2 फीसदी ही है।

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