गुड़गांव, 25 जनवरी (आईएएनएस)। बहुराष्ट्रीय कंपनियों, काल सेंटर और चमकदार महंगे रिहाइशी इलाकों की वजह से ‘मिलेनियम सिटी’ कहे जाने वाले गुड़गांव के हिस्से में सोमवार को बड़ी उपलब्धि और एक और पहचान आई। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) का मुख्यालय गुड़गांव होगा।
गुड़गांव, 25 जनवरी (आईएएनएस)। बहुराष्ट्रीय कंपनियों, काल सेंटर और चमकदार महंगे रिहाइशी इलाकों की वजह से ‘मिलेनियम सिटी’ कहे जाने वाले गुड़गांव के हिस्से में सोमवार को बड़ी उपलब्धि और एक और पहचान आई। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) का मुख्यालय गुड़गांव होगा।
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के मुख्यालय की आधारशिला रखने तथा आईएसए के अंतरिम सचिवालय के उद्घाटन के मौके पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आईएसए, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) तथा संयुक्त राष्ट्र जैसा संगठन होगा। और, इसका मुख्यालय भारत में, गुड़गांव में होगा।
मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के साथ मिलकर उद्घाटन-शिलान्यास की औपचारिकताएं निभाईं। फ्रांस ने कहा है कि वह आईएसए की शुरुआती परियोजनाओं के लिए 30 करोड़ यूरो (22 अरब रुपये) देगा।
आईएसए मुख्यालय पांच एकड़ में फैले राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएसई) परिसर में बनाया जाएगा।
आईएसए को मोदी की पहल माना जाता है। बीते साल पेरिस में आयोजित जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन से पहले 30 नवंबर को मोदी तथा ओलांद ने संयुक्त तौर पर इसे शुरू किया था। यह कर्क व मकर राशि के उष्णकटिबंध पर स्थित लगभग 120 देशों का गठबंधन है।
मोदी ने कहा कि हाल में पेरिस में संपन्न सीओपी 21 जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान दो महत्वपूर्ण पहल हुईं। अमेरिका, फ्रांस और भारत ने जीवाश्म ईंधन से हटकर ऊर्जा के नए स्रोतों की खोज पर जोर दिया। दूसरी पहल थी भारत द्वारा सौर गठबंधन।
मोदी ने कहा, “भारत ने प्रस्ताव दिया कि अगर तेल उत्पादक देशों का, अफ्रीकी देशों का अपना गठबंधन हो सकता है तो फिर उन देशों का गठबंधन क्यों नहीं हो सकता जिन्हें साल में 300 दिन या इससे भी अधिक दिन सूरज की रोशनी मिलती है।”
उन्होंने कहा कि इस गठबंधन को अस्तित्व में लाने में ओलांद ने बड़ी भूमिका निभाई।
मोदी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन ‘मानवता के लिए जीवनदायिनी’ के रूप में काम करेगा।
ओलांद ने कहा कि उनका देश अगले पांच साल में सौर ऊर्जा के विकास के लिए 30 करोड़ यूरो आवंटित करेगा।
ओलांद ने समारोह में कहा, “फ्रेंच डेवलपमेंट एजेंसी अगले पांच सालों में सौर ऊर्जा के विकास से जुड़ी शुरुआती परियोजनाओं के लिए 30 करोड़ यूरो आवंटित करेगी।”
ओलांद ने कहा, “शुरुआती परियोजनाओं को जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए। भारत ने मुख्यालय की पेशकश की। कुछ दिन पहले आबूधाबी में पहली बैठक हुई। वास्तविक नतीजे हासिल करने के लिए गठबंधन को अपना काम बिना किसी देरी के शुरू कर देना चाहिए।”
ओलांद ने कहा कि आईएसए के सामने 2030 तक सौर ऊर्जा के विकास के लिए 1200 अरब यूरो का वैश्विक निवेश एकत्र करने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य अगले 10 साल में 1000 गीगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना है।
ओलांद ने कहा कि आईएसए की सफलता के लिए फ्रांस-भारत की कई संयुक्त परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इस दिशा में कई समझौतों पर दस्तखत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उनका देश भारत की 100 स्मार्ट सिटी योजना में मददगार बनेगा। यह योजना भी इन शहरों को सौर ऊर्जा की आपूर्ति के जरिए आईएसए की परियोजनाओं से जोड़ी जा सकती है।
dharmpath.com dharmpath