जम्मू/श्रीनगर, 26 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में मंगलवार को धूमधाम से गणतंत्र दिवस समारोह मनाया गया। इस मौके पर राज्यपाल एन.एन.वोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान के साथ शांति की पहल से राज्य को फायदा होगा।
राज्य की शीतकालीन राजधानी जम्मू और ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर, दोनों स्थानों पर गणतंत्र दिवस समारोह शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह जम्मू के मौलाना आजाद स्टेडियम में संपन्न हुआ, जहां राज्यपाल वोहरा ने राष्ट्र ध्वज फहराया और सेना, सुरक्षा बलों तथा स्कूली बच्चों की परेड की सलामी ली।
वोहरा ने 67वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कहा कि भारत तथा पाकिस्तान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई शांति की पहल से राज्य को सबसे अधिक लाभ होगा।
राज्यपाल ने दिवंगत मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। सईद के निधन के बाद राज्य में राज्यपाल शासन लागू है।
उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि निर्वाचित सरकार जल्द ही सत्तासीन होगी।”
वोहरा ने एक अशांत राज्य में शांति बरकरार रखने के लिए सेना, जम्मू एवं कश्मीर पुलिस तथा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के समर्पण व निष्ठा की प्रशंसा की।
स्टेडियम में बेहद पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और वहां एक हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।
वहीं श्रीनगर में बख्शी स्टेडियम में प्रमंडलीय आयुक्त असगर सामून ने राष्ट्र ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता उमर अब्दुल्ला तथा पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी मौजूद थीं।
महबूबा सात जनवरी को पिता के निधन के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर नजर आईं।
राज्य के अन्य हिस्सों में जिलाधिकारियों ने परेड की सलामी ली।
गणतंत्र दिवस पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक, मुहम्मद यासीन मलिक तथा शबीर शाह सहित सभी अलगाववादी नेताओं को उनके घरों में नजरबंद रखा गया।
अलगाववादियों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान कश्मीर मुद्दे की तरफ आकर्षित करने के लिए गणतंत्र दिवस को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने का आह्वान किया था।
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