नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। गायिका और बच्चों के रॉक बैंड ‘चिकरक्स’ की सदस्य प्रतीची महापात्रा का कहना है कि भारत में छोटे बच्चों के लिए मनोरंजक शिक्षा सामग्री के विकल्प बेहद कम हैं।
प्रतीची ने कहा कि हिंदी फिल्में बच्चों समेत हर किसी पर प्रभाव डालती हैं और जरूरी नहीं कि यह उन पर अच्छा प्रभाव डालें।
गायिका ने आईएएनएस से कहा, “भारत में मजेदार गतिविधियों के माध्यम से सीखने के विकल्प बेहद कम हैं और बच्चे हिंसात्मक, सांस्कृतिक रूप से असंगत और ज्यादातर अनैतिक कार्यक्रम ही देखते हैं। ज्यादातर बॉलीवुड गाने और नाच या टीवी कार्यक्रम बच्चों के लिए अनुकूल नहीं होते।”
उन्होंने कहा, “बच्चे जो भी देखते और अनुभव करते हैं, उसका मतलब समझे बिना ही बड़ी जल्दी उसे सीख लेते हैं। माता-पिता के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें उनकी उम्र के मुताबिक सामग्री उपलब्ध कराएं जो उन्हें जिंदगी के लिए जरूरी और नैतिक सीख दे और साथ ही उनका संपूर्ण विकास करे।”
प्रतीची ने इसी मकसद से सभी अभिभावकों को अपने सात साल से कम उम्र के बच्चों के साथ मुंबई में छह और सात फरवरी को ‘चिकरक्स’ शो में शामिल होने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा, “संगीत बच्चों के लिए सीखने का सबसे पहला माध्यम है और अपने संगीत कॉन्सर्ट में हम संगीत के जरिए बच्चों को मनोरंजन के साथ सीखने का मौका देंगे, जिसमें बच्चे बाल कविताओं के साथ नाच-गाकर काफी कुछ सीख पाएंगे।”
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