नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक में समुद्र तट पर बसा छोटा शहर भटकल एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है। अपने आप में इतिहास के कई पन्नों को समेटे इस शहर पर उस वक्त दाग लगा था, जब इसका नाम भारत में पैदा हुए आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) में आतंकियों की भर्ती करने वाली जगह के रूप में उभरा था।
नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक में समुद्र तट पर बसा छोटा शहर भटकल एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है। अपने आप में इतिहास के कई पन्नों को समेटे इस शहर पर उस वक्त दाग लगा था, जब इसका नाम भारत में पैदा हुए आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) में आतंकियों की भर्ती करने वाली जगह के रूप में उभरा था।
अब दुर्भाग्य से सुरक्षा एजेंसियों के बीच यह राय पाई जा रही है कि यह शहर अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) में भारतीयों की भर्ती का केंद्र बन रहा है। हाल ही में शहर और इसके आसपास हुई कई गिरफ्तारियों से इस आशंका को बल मिला है।
शफी अरमार भटकल का रहने वाला है। वह यहीं पैदा हुआ और भारत छोड़ने से पहले 2009 तक यहीं रहा। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि आईएस की विचारधारा की तरफ भारतीयों को खींचकर लाने में शफी अरमार की ही मुख्य भूमिका रही है। वही आईएस में भारतीयों की भर्ती में लगा हुआ है। इनमें से कुछ तो आईएस की तरफ से लड़ने के लिए सीरिया चले भी गए।
जानकार सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर आईएएनएस को बताया कि अरमर ने शुरुआत आईएम के साथ की थी। बाद में वह आईएम के मुख्य संचालकों -रियाज और इकबाल भटकल- के साथ पाकिस्तान भाग गया। अरमार का बड़ा भाई सुल्तान भी उसके साथ पाकिस्तान गया था। सुल्तान की मौत हो चुकी है।
सूत्रों ने बताया कि अरमार बाद में प्रशिक्षण के लिए सीरिया चला गया। माना जा रहा है कि वह आईएस में भर्ती करने वाली शाखा अंसार-उल-तौहीद का प्रमुख सदस्य है।
बाद में अरमार ने आईएस के भारतीय मॉड्यूल जनूद-उल-खलीफा-ए-हिंद का गठन किया। इसी संस्था के 14 सदस्यों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बीते हफ्ते देश के अलग-अलग हिस्सों से गिरफ्तार किया है। सूत्रों ने कहा कि जनूद-उल-खलीफा-ए-हिंद अप्रैल 2015 से सक्रिय है।
खुफिया सूत्रों का कहना है कि आईएस के कुछ अन्य हमदर्द सुहैल अहमद, दामुदी, मोहम्मद अफजाल, नजमुल हुदा और मोहम्मद अब्दुल अहद के तार भी भटकल से जुड़े हुए हैं। ये सभी एनआईए की हिरासत में हैं।
सूत्रों ने आईएएनएस को बताया, “भटकल से संबंध रखने वाले गिरफ्तार सभी संदिग्ध आतंकियों से मॉड्यूल में उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ की जा रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि भटकल से कुल कितने लोगों की भर्ती की गई है।”
आईएएनएस ने फोन पर कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आंतरिक सुरक्षा) सुनील कुमार से पूछा कि क्या भटकल शहर आईएस में भर्ती करने वालों का ‘जन्म स्थली’ बन गया है। कुमार ने जवाब में कहा, “यह जांच का विषय है। हम लगातार एनआईए के संपर्क में हैं। कई लोगों को हाल ही में मंगलोर, तुमकुर और बेंगलुरू से गिरफ्तार किया गया है। भटकल और अन्य राज्यों से आईएस में भर्ती के मामले में इनकी भूमिका जांच का विषय है और इसे साझा नहीं किया जा सकता।”
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