तिरुवनंतपुरम, 3 फरवरी (आईएएनएस)। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन के नेतृत्व में विपक्षी वाम मोर्चा ने राज्यपाल पी. सतशिवम से बुधवार को आग्रह किया कि उन्हें विधानसभा सत्र को संबोधित नहीं करना चाहिए, क्योंकि ओमन चांडी सरकार सौर ऊर्जा घोटाले में आकंठ डूबी हुई है।
शुक्रवार से प्रस्तावित विधानसभा सत्र चांडी के पांच साल के कार्यकाल का अंतिम सत्र है।
चांडी ने कहा, “मुझे यकीन है कि कई लोग चाहते थे कि हम छह महीने का कार्यकाल भी पूरा न कर पाएं, लेकिन हम यहां तक पहुंचने में कामयाब रहे, क्योंकि पूरा संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) हमारी सरकार के साथ मजबूती से खड़ा रहा।”
चांडी सरकार का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद वह के. करुणाकरण के बाद कार्यकाल पूरा करने वाले कांग्रेस पार्टी के दूसरे मुख्यमंत्री होंगे।
अच्युतानंदन के नेतृत्व वाले विपक्षी वाम मोर्चा ने हालांकि बुधवार को सतशिवम से मुलाकात कर आग्रह किया कि वह सत्र के प्रथम दिन अपना अभिभाषण न दें, क्योंकि चांडी सरकार सौर ऊर्जा और बार घोटालों में आकंठ डूबी हुई है।
वाममोर्चा इस बात की भी घोषणा कर चुका है कि सौर ऊर्जा और बार घोटालों में लिप्त चांडी और अन्य दागी मंत्रियों के इस्तीफे की मांग करते हुए शुक्रवार को विधानसभा परिसर तक जुलूस निकाला जाएगा।
वाममार्चा ने 2015 में तत्कालीन दागी वित्तमंत्री के.एम. मणि को राज्य का बजट पेश करने से रोका था।
वर्तमान में इस कार्यभार को संभाल रहे चांडी शुक्रवार को राज्य का बजट पेश करेंगे।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन ने कहा, “शुक्रवार को एक दागी मंत्री बजट पेश करेगा, इसलिए हम पूरे राज्य में प्रदर्शन करेंगे।”
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