अगरतला, 4 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी परियोजना में राजधानी अगरतला का नाम शामिल नहीं होने पर त्रिपुरा की वाम मोर्चा सरकार ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि केंद्र की यह ‘हैरान करनेवाली चूक’ है।
प्रदेश के शहरी विकास मंत्री माणिक डे ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू को पत्र लिखकर कहा, “हाल में जारी की गई स्मार्ट सिटी की सूची में अगरतला का नाम शामिल नहीं होने से त्रिपुरा सरकार को गहरी निराशा हुई है।” उन्होंने नायडू से इस शिकायत को दूर करने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की।
डे ने कहा कि अगरतला का स्मार्ट सिटी प्रस्ताव शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के मुताबिक ही निर्धारित समय सीमा के अंदर भेजा गया था। “इसके बावजूद पहले चरण की सूची में अगरतला का नाम शामिल नहीं होना काफी शर्मनाक है।”
डे ने मीडिया को जारी किए गए खत में कहा कि मुझे संदेह है कि प्रस्ताव पर विचार करनेवाले दल ने प्रक्रिया को सही ढंग से नहीं किया। अन्यथा, हमें कोई कारण नहीं दिखता कि अगरतला को पहले 20 स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल नहीं किया जाए।
उन्होंने कहा कि गुवाहाटी को छोड़कर पूर्वोत्तर का कोई भी शहर इस सूची में जगह पाने में नाकाम रहा है, जबकि मोदी सरकार में शामिल लोग बार-बार इस क्षेत्र के समग्र विकास की बात करते रहते हैं।
स्मार्ट सिटी की सूची ने केंद्र सरकार ने बिहार व उत्तर प्रदेश सहित कई ऐसे राज्यों को अलग रखा है, जहां भाजपा की सरकार नहीं है। केंद्र ने सूची में सबसे ज्यादा तीन शहरों के नाम खूनी व्यापम घाटाला वाले राज्य मध्यप्रदेश से चुने हैं।
dharmpath.com dharmpath