नेताजी की फिक्र करने के बजाए उनका कीर्तिगान करें : बेनेगल

कोलकाता, 5 फरवरी (आईएएनएस)। मशहूर फिल्मकार श्याम बेनेगल ने शुक्रवार को इस बात पर जोर दिया कि आजादी की लड़ाई में अमूल्य योगदान देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के लापता होने के बारे में अटकलबाजियों पर ध्यान देने के बजाए उनके कीर्तिगान की जरूरत है।

कोलकाता साहित्य समारोह में श्याम बेनेगल ने एक चर्चा में हिस्सा लेते हुए यह बात कही। उन्होंने इस दावे को भी खारिज कर दिया कि नेताजी उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में ‘गुमनामी बाबा’ बनकर गुप्त रूप से रह रहे थे।

उन्होंने कहा, “हमें उनका यशोगान करना चाहिए, न कि लगातार इसी चिंता में डूबे रहना चाहिए कि 18 अगस्त 1945 के बाद क्या हुआ था।”

बेनेगल ने कहा, “दुर्भाग्य से नेताजी की तमाम उपलब्धियां बिना वजह के इन रहस्यों में दबकर रह गईं कि क्या उनकी मौत हुई या गुमशुदा हो गए या यह कि क्या वह विमान दुर्घटना में मारे गए या फिर साइबेरिया चले गए।”

उन्होंने इन तमाम बातों को ‘महज अटकलबाजी’ बताया। बेनेगल ने इस बात को भी खारिज कर दिया कि बोस के लापता होने के पीछे पंडित जवाहर लाल नेहरू का हाथ था।

दादा साहेब फाल्के पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक ने कहा, “मैं इस ऑटोमेटिक धारणा के भी खिलाफ हूं कि इस पूरी कहानी के खलनायक नेहरू थे। अगर सच में ऐसा ही था तो उन्होंने इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के तीन अफसरों का लालकिला मुकदमे में बचाव क्यों किया था।” बेनेगल अईएनए के कर्नल प्रेम सहगल, कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन और मेजर जनरल शाहनवाज खान के संयुक्त कोर्ट मार्शल का जिक्र कर रहे थे।

सुभाष चंद्र बोस पर पुरस्कार विजेता फिल्म ‘नेताजी सुभाषचंद्र बोस: द फॉरगटेन हीरो’ बनाने वाले बेनेगल ने इस बात पर दुख जताया कि लोगों का ध्यान नेताजी की मौत, उनके गायब होने के रहस्यों में ही उलझा हुआ है। उन्होंने कहा कि इसके बजाए होना यह चाहिए कि ‘हम उनके योगदान, उनकी उपलब्धियों का और इस बात का यशोगान करें कि कैसे उन्होंने और उनकी आईएनए ने ब्रिटिश सत्ता को बाहर निकालने के लिए अंतिम धक्का दिया था।’

उन्होंने कहा, “अटकलें बताती हैं कि वह विमान दुर्घटना के बाद जीवित रहे और अपने अंत तक कहीं बाबा बन कर रहे। वह निश्चित ही ऐसे आदमी नहीं थे। वह लोगों के नेता थे..भला वह क्यों किसी आश्रम में गुमनामी में रहते।”

बेनेगल ने कहा कि उन्हें नेताजी के लापता होने की बातों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा, “बात यह है कि वह उड़ कर गए और कभी लौटे नहीं। यह जितना हो सकता है उतना साफ है।”

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