नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। भेदभावपूर्ण डाटा शुल्क (डिसक्रिमनेटरी प्राइसिंग) पर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की अधिसूचना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं :
– विषय सामग्री के आधार पर भेदभावपूर्ण डाटा शुल्क नहीं।
– ऐसा कोई समझौता नहीं, जिसकी वजह से डाटा सेवा में भेदभावपूर्ण शुल्क को बढ़ावा मिले।
– इंटरनेट संपूर्ण आबादी को बिना भेदभाव के सुलभ होना चाहिए।
– स्रोत, गंतव्य, एप्लीकेशन और विषय सामग्री के आधार पर अलग-अलग शुल्क नहीं।
– आपात स्थिति के लिए अपवाद का प्रावधान।
– अपवाद की स्थिति में लिए गए शुल्क की जानकारी सात दिनों के भीतर ट्राई को देना जरूरी।
– नियमों के प्रत्येक उल्लंघन के लिए रोजाना 50 हजार रुपये की दर से जुर्माना, जो अधिकतम 50 लाख रुपये हो सकता है।
– भेदभावपूर्ण शुल्क से छोटे कंटेंट प्रदाताओं को नुकसान।
– भेदभावपूर्ण शुल्क से प्रवेश की बाधा पैदा होती है और नवाचार कुंठित होता है।
– ये सेवा प्रदाता कंपनी को नियंत्रणकारी बना सकता है।
– यह भाषण देने और अभिव्यक्ति की आजादी और मीडिया बहुलवाद के विरुद्ध है।
– नियम की दो साल पर या उससे पहले समीक्षा होगी।
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