नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता दीपक बाजपेयी की अपने खिलाफ मानहानि के दावे के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज कर दी।
दीपक के साथ आप के कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ मानहानि का यह दावा केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दाखिल की है।
दीपक ने याचिका दाखिल कर मामले से अपना नाम हटाने का अनुरोध किया था।
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए आप नेता द्वारा दिए गए बयानों के कारण हुई मानहानि की क्षतिपूर्ति स्वरूप दीपक पर 10 करोड़ रुपये का दावा किया गया है।
जेटली ने दीपक के अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आप नेता कुमार विश्वास, राघव चड्ढा, आशुतोष और संजय सिंह पर भी मानहानि का दावा किया है।
न्यायाधीश विपिन सांघवी ने दीपक की याचिका खारिज की, जिसमें कहा गया था कि मानहानि के दावे में उनके खिलाफ कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं, इसलिए उनका नाम इस मामले से हटा देना चाहिए।
दीपक की ओर से वकील एच. एस. फुल्का ने अदालत से कहा कि मानहानि के दावे के साथ पेश किए गए शपथपत्र एवं अन्य दस्तावेजों में दीपक के खिलाफ कोई प्राकथन नहीं है।
जेटली की ओर से वकील राजीव नायर और प्रतिभा एम. सिंह ने दीपक बाजपेयी की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ ‘व्यक्तिगत और सामूहिक तौर पर साजिशन’ अपमानजनक बयान दिए गए।
उन्होंने अदालत को बताया कि दीपक के ट्विटर अकाउंट से अपमानजनक बातें शेयर की गईं।
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