नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को इस्लामिक स्टेट (आईएस) के तीन संदिग्ध आतंकवादियों को 10 दिनों के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया।
जानकार सूत्रों के अनुसार, बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान जिला न्यायाधीश अमरनाथ ने तीन संदिग्धों -शेख अजहर-उल-इस्लाम उर्फ अब्दुल सत्तार शेख, मोहम्मद फरहान उर्फ मोहम्मद रफीक शेख और अदनान हसन उर्फ मुहम्मद हुसैन- से 19 फरवरी तक पूछताछ करने की अनुमति एनआईए को दे दी।
एनआईए ने अदालत को बताया कि आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने से आईएस के साथ उनके संबंधों के बारे में अहम तथ्य मिल सकते हैं।
उनकी हिरासत अवधि समाप्त होने पर उन्हें चेहरा ढंक कर अदालत में लाया गया था।
एजेंसी ने बताया, “आरोपियो ने बताया कि वे आईएस के सक्रिय समर्थक हैं और टेलीफोन व इंटरनेट के माध्यम से वे आतंकी संगठन के सक्रिय सदस्यों से संपर्क में रहते थे।”
एनआईए ने बताया कि भारत में आईएस की साजिश के खुलासे और विदेश और भारत से आईएस में भर्ती करने संबंधी जानकारियों के लिए आगे जांच की जरूरत है।
बचाव पक्ष के वकील एम. एस. खान ने एनआईए की अर्जी का विरोध किया और कहा कि जांच एजेंसी को पहले ही आरोपियों से पूछताछ करने का पर्याप्त समय दिया जा चुका है।
तीन संदिग्धों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं।
एनआईए ने कहा कि कथित रूप से तीनों संदिग्ध आईएस के लिए भारत और दूसरे देशों में भारतीय नागरिकों की पहचान कर उन्हें संगठन के प्रति प्रेरित करने, भर्ती करने और उन्हें प्रशिक्षण देने का काम करते हैं।
अदालत में कहा गया कि अजहर जम्मू एवं कश्मीर का, फरहान महाराष्ट्र का और अदनान कर्नाटक का रहनेवाला है।
dharmpath.com dharmpath